कर्नल रमेश जी आर्मी से रिटायर होने के बाद अपने परिवार के साथ रहने लगे। उनके पास धन दौलत किसी भी चीज की कमी नहीं थी उनका बेटा एक बहुत बड़ा बिजनेसमैन था। उसका नाम समीर था। समीर और उसकी पत्नी मीरा दोनों साथ रहते थे
समीर हर समय पैसे और ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा इकट्ठे करने में लगा रहता मैं अपनी पत्नी पर बिल्कुल भी ध्यान देता था लेकिन मीरा चुपचाप रहती अपने घर के कामों में लगी रहती थी ।उनके पास करोड़ों की संपत्ति थी लेकिन मेरा कहीं ना कहीं अपने आप को अकेला महसूस करती थी
एक दिन दिवाली का दिन था उसे दिन समीर अपनी बड़ी सी गाड़ी में गणेश पर लक्ष्मी जी की बहुत सुंदर मूर्ति लेकर आए और घर में हजारों रुपए के पटाखे लेकर आए चारों तरफ रोशनी से अपना घर सजवाया और मीरा से पूजा की तैयारी करने के लिए कहा।
मीरा पूजा की तैयारी कर रही थी तभी उनके हाथ से एक कांच का फूलदान गिर गया। समीर ने चिल्लाना शुरू कर दिया रात में बिल्कुल तमीज नहीं है देख कर नहीं करती हो। देखो तुमने कितना बड़ा नुकसान कर दिया मीरा चुपचाप रही और समीर की डांट सुनती रही। कुछ नहीं बोली दूर बैठे ।कर्नल साहब देख रहे थे तभी समीर उनके पास गये ।
समीर बोला पापा जी देखो ना मीरा को किसी बात का ध्यान नहीं रहती है। देखो कितना बड़ा नुकसान कर दिया तब कर्नल साहब ने समीर को अपने पास बुलाकर कहा बेटा दिवाली पर जो जिसे तुम पूजन कर रहे हो वह लक्ष्मी गणेश है सही है उनका पूजन करो बिल्कुल सही है लेकिन जो तुम्हारे घर की लक्ष्मी है
तुम उसका अपमान करने के बाद भगवान का पूजन करोगे तो क्या भगवान तुमसे खुश होंगे बेटा लक्ष्मी सोना चांदी या नोट में नहीं है।असली लक्ष्मी आपके घर की स्त्री होती है आपकी पत्नी होती है। अगर आपकी पत्नी खुशी होती है तो लक्ष्मी स्वयं आपके घर में पधारती हैं
जहां पर स्त्रियों का सम्मान किया जाता है वहां पर देता निवास करते हैं यह बात सुनकर समीर बोला लगा। पिताजी मुझे बहुत बड़ी गलती हो गई और चुपचाप वहां से गया अपने कमरे में गया वहां देखा कि मीरा चुपचाप खिड़की के बाहर देख रही थी।
समीर ने उसके पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा कि मेरा मुझे माफ कर दो मैं बाहर की चकाचौंध को लक्ष्मी समझता था। लेकिन मेरे घर की असली लक्ष्मी या तुम हो मुझे याद है जब मेरा समय सही नहीं था उस समय तुमने मेरा साथ दिया मेरे मां-बाप की सेवा की मेरे परिवार का ध्यान रखा लेकिन मैं तुम्हारे हर उपकार को भूल गया।
अब मुझसे गलती दोबारा कभी नहीं होगी मुझे माफ कर दो मीरा ने कहा यह आप कैसी बात कर रहे हैं चलिए हम चल चल के भगवान लक्ष्मी गणेश का पूजन करते हैं
कहानी का सार यह है कि जहां पर स्त्री का सम्मान होता है वहीं पर लक्ष्मी का निवास होता है
विनीता सिंह