कागज़ के रिश्ते
सुधीर अकेला पड़ गया। उसे अपने माता-पिता को जेल जाने से बचाना था। उसने राधिका के वकील से मिन्नतें कीं। सौदा तीस लाख में तय हुआ। सुधीर ने अपनी ज़िंदगी भर की सारी बचत तोड़ दी। अपने प्रोविडेंट फंड के पैसे निकाले। जब उससे भी काम नहीं चला, तो उसने अपने गाँव की वो पुश्तैनी … Read more