रिश्तों की असली वसीयत
शहनाई की गूंज और गेंदे के फूलों की महक से पूरा घर महक रहा था। घर के आंगन में शामियाना लगा हुआ था और मेहमानों की चहल-पहल से एक उत्सव का माहौल बना हुआ था। आज कावेरी जी की इकलौती बेटी शिखा की हल्दी की रस्म थी। कावेरी जी अपने माथे का पसीना पोंछते हुए … Read more