समझ की उम्र
रसोई से आती बर्तनों की खटपट के बीच मीरा की दबी हुई सिसकियाँ भी जैसे उस घर की दीवारों का हिस्सा बन चुकी थीं। मीरा, जो पिछले आठ सालों से इस घर की बहू थी, आज भी खुद को एक अजनबी ही महसूस करती थी। उसका पति, विकास, शहर के एक बड़े दफ़्तर में काम … Read more
अच्छी शादी
मीरा ने अपनी एमबीए की डिग्री में पूरे कॉलेज में टॉप किया था। उसके आँखों में भविष्य को लेकर हज़ारों सपने तैर रहे थे। वह अक्सर अपने कमरे में बैठकर बड़े-बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस, अपनी केबिन और अपनी पहली सैलरी से माता-पिता के लिए खरीदे जाने वाले तोहफों की कल्पना किया करती थी। उसने कई मल्टीनेशनल … Read more
कुछ रिश्ते दुनिया की हर दौलत से बढ़कर होते हैं
सुरेश का गला रुंध गया, उसके अंदर का बड़ा भाई चीख-चीख कर रोना चाहता था, लेकिन उसने अपने जज्बातों को चेहरे पर नहीं आने दिया। वह जानता था कि राघव बहुत खुद्दार है। अगर सुरेश ने पैसे दान या मदद के नाम पर दिए, तो राघव शायद अपनी जान दे देगा लेकिन पैसे नहीं लेगा। … Read more
परिवार का साथ
“हम तो कहीं के नहीं रहे सुजाता! अब क्या होगा हमारा? कैसे जिएंगे हम? ये सफेद लिफाफा मेरी पच्चीस साल की वफादारी का इनाम है… उन्होंने कंपनी से निकाल दिया मुझे!” आनंद जी की आवाज़ गले में ही घुट कर रह गई। उनके आंसू अब रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। “अब कहाँ जाएंगे … Read more
रिश्ते पैसों से नहीं संस्कार से चलते हैं
रघुनाथ जी और गीता जी के घर में इन दिनों उल्लास और चिंता का मिला-जुला माहौल था। उनकी इकलौती और लाड़ली बेटी मीरा की शादी शहर के एक बहुत बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार में तय हुई थी। लड़के का नाम आकाश था, जो अपने पिता महेंद्र जी का कारोबार संभालता था। महेंद्र जी और … Read more
रिश्तों की जमा पूँजी – सुनीता सोलंकी ‘मीना’
ब्रह्मसिंह की बैंक की पासबुक में छपी आखिरी एंट्री — ₹2,847/- थी । ब्रह्मसिंह जी ने चश्मा उतारकर मेज़ पर रखा। 72 साल की उम्र में बैंक बैलेंस से ज़्यादा ज़रूरी था उनके जीवन में ‘लोगों का बैलेंस’। पर आज उसे वही खाली लग रहा था। पेंशन से ही उसका घर चलता था, दवाइयाँ निकल … Read more
वो अनकही लकीर
उनके गालों पर एक आँसू लुढ़क आया था। यह आँसू इस बात का नहीं था कि उन्हें खाने के लिए फल नहीं मिले। दर्द की चुभन उन फलों की कमी की नहीं थी। पीड़ा तो इस बात की थी कि वह घर, जिसे उन्होंने अपनी जवानी के खून-पसीने से सींचा था, आज उसी घर में … Read more