उम्मीदों के नए रंग
सुबह की पहली किरण के साथ ही घर में बर्तनों की खटपट शुरू हो गई थी। चौंतीस वर्षीय सुमन अपनी दाईं ओर हल्का सा झुककर चलती हुई रसोई की तरफ बढ़ रही थी। बचपन में पोलियो का शिकार होने के कारण उसके पैर में जो लचक आ गई थी, वह उम्र के साथ और भी … Read more