नालंदा – डॉ बीना कुण्डलिया
भारती तेज कदमों से चलने लगी आज वो जल्दी ही घर पहुँच जाना चाहती थी। जैसे ही बेटी नालंदा ने अपने अस्पताल में नियुक्त होने की फोन में उसको सूचना दी थी तभी से फैक्ट्री में उसका बिल्कुल मन नहीं लग रहा था। घर पहुंचते ही दरवाजे के बाहर खड़ी नालंदा दौड़कर उसके गले लग … Read more