हम कलंकित नहीं हैं – प्रतिभा भारद्वाज (प्रभा)
एक आलीशान मकान के बाहर जैसे ही अंजना पहुंची उसके पांव वहीं ठिठक गए, उस घर को आखिर वह भूल भी कैसे सकती थी…. आज से लगभग 25 साल पहले ही तो वह इस घर में आती थी एक बूढ़ी महिला की देखभाल करने; अंजना एक नर्स थी जिसे इस घर में इस बूढ़ी महिला … Read more