रेशमी धागों का अनकहा कर्ज – नेहा पटेल
सावन का महीना अपनी पूरी रंगत पर था। बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी और मिट्टी की सौंधी खुशबू महानगर के उस आलीशान फ्लैट की बालकनी तक पहुँच रही थी। आज रक्षाबंधन का दिन था। सुबह से ही घर में एक खास तरह की चहल-पहल थी। अनिकेत अपने कमरे में तैयार हो रहा था। उसने … Read more