अपने और पराए वक्त ने बतलाए – सीमा सिंघी

जब से राधे और उसके काका रामेश्वर जी के बीच खेत का बटवारा हुआ है। तबसे राधे का मन काका के उस खेत के हिस्से पर आ चुका था। वह दिन रात तरकीब लगाते रहता कि किस तरह अपने काका से वह खेत की जमीन हथिया ले। मगर ठीक इसके विपरीत राधे जितना बेईमान कुटिल … Read more

मेरे जैसे बदनसीब दुनिया में कोई नहीं – सीमा सिंघी

नंदू के जाने के बाद गीता की जिंदगी बड़ी वीरान हो गई थी। उसने बड़ी भाग दौड़ कर अपने पति नंदू का इलाज कराया मगर अचानक ऐसी निगोड़ी बीमारी आ लगी । जो नंदू को ले जाकर ही शांत हुई। नंदू तन से गरीब था मगर मन से नहीं इसीलिए वो गीता और अपनी दस … Read more

बड़े भाई हो बाप मत बनो। – सीमा सिंघी

छोटे भाई राज के घर में घुसते ही ब्रजेश बोल उठा। छोटे लाइट का बिल कल याद कर के दे देना और हां कल दुकान पर भी तुम थोड़ी जल्दी चले जाना, कुछ ग्राहक आने वाले हैं। अभी आते वक्त तुम सब्जी लेकर घर आ सकते थे। खैर कोई बात नहीं, अब आ गए हो … Read more

मेरा भी तो स्वाभिमान है – मंजू ओमर

मम्मी आपने मेरा कोई भाई या बहन क्यों नहीं किया कम से कम आपकी देखभाल करने के लिए जब मै नहीं होती तो दूसरा कोई तो होता। ये तो सब ऊपर वाले की देन है बेटा उसने बस तुम्हें ही मेरी गोद मे डालकर इतिश्री कर ली। और बेटा तुम क्यों परेशान होती हो बार … Read more

स्वाभिमान मेरा भी है – रेखा जैन

भोर का तारा चमकने के साथ ही कमला बिस्तर छोड़ कर उठ बैठी और अपने नित्य कर्म में लग गई। उसने घर की साफ सफाई की, बच्चों का नाश्ता बनाया, टिफिन बनाया, दोपहर का खाना बना कर रख दिया। सास ससुर को चाय दी और अपने दोनों छोटे बच्चों को उठा कर तैयार कर दिया। … Read more

मेरा भी स्वाभिमान – बिमला रावत जड़धारी

रजनी बैठी सोच रही थी। क्या ये मकान बेच दूॅं? जैसे बच्चें कह रहे हैं, तीन फ्लैट ले लेते हैं। तीनों भाइयों के नाम से तीन फ्लैट एक साथ ही ले लेते हैं। आपका जहॉं मन करे वहॉं रह लेना। जितने पैसे बचेंगे वो हम तीनों आपस में बांट लेंगे। आप पैसे का क्या करोगी? … Read more

*स्वाभिमान मेरा भी है* – तोषिका

आज बहुत गर्मी हो रही है मेरा तो आमरस पीने का मन कर रहा है, अपने पसीने पूछते हुए रज्जो बोली। तभी वहां खड़ी उनकी गाय जैसे बहु नेहा बोली “माजी मैं आपके लिए अभी आमरस बना देती हू” रज्जो ताने मारते हुए बोली “तुझे किसी ने कहा कुछ और ये क्या दूसरों की बातें … Read more

बड़े भाई हो, बाप मत बनो – वैशाली आडेसरा

बड़े भाई हो, बाप मत बनो… यह कहकर वृंदा ने किशोर के हाथ से मिठाई का डिब्बा लिया और अपनी भाभी को देते हुए बोली— “भाभी, लीजिए ये मिठाई… हमें किसी को बाँटनी नहीं है, हम ही खा लेंगे।” इतना कहकर वृंदा नम आँखों से अपने कमरे में चली गई। किशोर वहीं कुर्सी पर बैठ … Read more

प्रायश्चित – उषा भारद्वाज

   घर में शादी का माहौल था। रिया कुछ घंटे पहले ही दिल्ली से आई है। साथ में उसका 5 साल का बेटा मंटू भी है। अक्षांश रिया के पति को समय न मिल पाने के कारण वह नहीं आ सके। उनका मन तो बहुत था छोटी साली की शादी में सम्मिलित होने का, मगर नहीं … Read more

स्वाभिमान मेरा भी है। – संजय सिंह

रात के 10:00 बज रहे थे ।एक छोटा सा बिजली का बल्ब उम्मीद से ज्यादा कमरे में रोशनी कर रहा था। एक कमरा जिसमें दो कुर्सियां ,एक मेज जिनके ऊपर उथल-पुथल अवस्था में रखी हुई किताबें और कुछ कपड़े साथ ही एक तरफ एक नए जमाने का बिस्तर लगा हुआ था। जिसके ऊपर गोपाल प्रसाद … Read more

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