अपने कब पराए बन जाते है वक्त ने बताएं – मंजू ओमर
मांजी ओ मांजी विमला ने रजनी जी को झकझोरा तो रजनी जैसे नींद से जाग उठी हो, क्या हुआ मांजी आप ऐसे कैसे गुमसम सी उदास बैठी हो। इतना सुनते ही रजनी के गालों पर दो आसूं की बूंदें लुढक गई। फिर विमला ने उनको जमीन से उठाया और सोफे पर बिठाया। विमला जल्दी से … Read more