अपने कब पराए बन जाते है वक्त ने बताएं – मंजू ओमर

मांजी ओ मांजी विमला ने रजनी जी को झकझोरा तो रजनी जैसे नींद से जाग उठी हो, क्या हुआ मांजी आप ऐसे कैसे गुमसम सी उदास बैठी हो। इतना सुनते ही रजनी के गालों पर दो आसूं की बूंदें लुढक गई। फिर विमला ने उनको जमीन से उठाया और सोफे पर बिठाया। विमला जल्दी से … Read more

अपने और पराए वक्त ने बतलाए – सीमा सिंघी

जब से राधे और उसके काका रामेश्वर जी के बीच खेत का बटवारा हुआ है। तबसे राधे का मन काका के उस खेत के हिस्से पर आ चुका था। वह दिन रात तरकीब लगाते रहता कि किस तरह अपने काका से वह खेत की जमीन हथिया ले। मगर ठीक इसके विपरीत राधे जितना बेईमान कुटिल … Read more

*अपने और पराए – वक्त ने बताए* – तोषिका

आज मुझे *अपने और पराए – वक्त ने बताए* वरना मैं हमेशा ही धोखे में ही रहती रोते हुई मुस्कान बोली। उसकी साथ बैठी दोस्त रूपा ने उस से पूछा “ऐसे क्यों बोल रही हो? क्या हुआ? किसी ने कुछ कहा क्या?” मुस्कान चाह कर भी अपने मुख से एक शब्द भी नहीं निकाल पा … Read more

अपने और पराए, वक्त ने बतलाए। – परमा दत्त झा

मां के आपरेशन के लिए पैसे का इंतजाम हो गया है -रानी अपने पति राजेश को कह रही थी। कहां से ,किसने दिया इतने पैसे -राजेश अकचकाते हुए पूछा था। अरे मेरे हरि काका ने -रानी सिर झुकाए बोली। अभी मामले की नजाकत को देखते हुए दस लाख उस पेपर वाले हरि काका ने जमा … Read more

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