खामोश संघर्ष की गूँज
नीता अपने आलीशान बंगले के हरे-भरे लॉन में बैठी सुबह की चाय की चुस्कियाँ ले रही थी। सर्दियों की गुनगुनी धूप में वह अपने बेटे रोहन के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में डूबी थी। रोहन शहर के सबसे महंगे और नामी स्कूल में पढ़ता था। उसकी हर छोटी-बड़ी फरमाइश पूरी करने के लिए नीता … Read more