भाभी आपको रिश्तों की समझ नहीं. – प्रियंका मुदगिल

“क्या बात है भाभी!! कभी तो फोन कर लिया करो कभी तो किसी का हाल-चाल भी पूछ लिया करो आप तो सिर्फ अपने में ही खुश रहती हैं हम लोगों से तो जैसे आपको कोई मतलब ही नहीं है…” सुनीता की ननंद अलका ने फोन पर कहा! “नहीं दीदी!! ऐसी कोई बात नहीं है आजकल … Read more

बेशर्म दुल्हन – डॉ. पारुल अग्रवाल

घर पर पुताई का काम शुरू होना था। तन्वी को लगा यही मौका है कि लगे हाथ अलमारियों और पुराने संदूक की भी सफाई कर दी जाए तो पुराना कबाड़ बाहर किया जा सकता है। पर जैसे ही उसने पुराना सामान निकालना शुरू किया वैसे ही एक तरफ सुंदर से बैग में रखी उसकी शादी … Read more

सफेद दाग कोई बीमारी नहीं है। – सुषमा यादव 

मीनल ट्रान्सफर होकर अपने पति के पास गई। नया शहर नये लोग सबके साथ सामंजस्य बनाने में थोड़ा समय लगा। पतिदेव के आफिस में  उनसे वरिष्ठ अधिकारी थे, जिनसे इनकी बहुत दोस्ती थी, दोनों में बहुत पटती थी,, वो इनसे उम्र में बहुत बड़े थे, इसलिए गांव के नाते उनके सामने मीनल नहीं निकलती थी,, … Read more

नई पीढ़ी की नई सोच बदल रही है समाज का स्वरूप: कितनी सही कितनी गलत – खुशबू पुरी

समाज में परिवर्तन होता रहता है। अक्सर हम अपने आसपास हो रहे बदलावों को मूक  होकर देखते रहते हैं। देखना एक तरीके से सही भी है क्योंकि परिवर्तन होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। फिर प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही निजी समस्याओं में भी घिरा होता है तो वह समाज की समस्याओं में दखल देने से बचता … Read more

“जैसे शादी पवित्र बंधन, वैसे ही तलाक भी पवित्र  है” – सुधा जैन : Short Stories in Hindi

Short Stories in Hindi : शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत आप कहेंगे तलाक भी पवित्र कैसे हो सकता है?  प्रस्तुत है ,इस विषय में मेरी कहानी … प्रिया ने कुछ माह पहले ही मेरी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर ज्वाइन किया है, नई पदस्थ हुई है। एकदम दुबली पतली ,सुंदर आंखों में गहरी कालिमा है, … Read more

मैंने सदैव तुम्हारी भावनाओं का तिरस्कार किया है! – ज्योति आहूजा

आज रमा और सुशांत जी अपने बेटे और बहू को एयरपोर्ट पर छोड़कर घर वापस आए थे। सुशांत जी और उनकी पत्नी रमा के दो बच्चे है।एक बेटी कीर्ति और बेटा कुणाल। बेटी की शादी सुशांत जी ने तीन साल पहले एक अच्छे घर में कर दी थी।अच्छा रिश्ता मिल रहा था तो बेटी के … Read more

सांवला रंग – भगवती सक्सेना गौड़

दरवाजे पर कॉल बेल बज रही थी, जाकर रीना ने जल्दी से दरवाजा खोला।  सामने महिमा पुलिस की वर्दी पहने खड़ी थी, आई.पी.एस का बैच लगाए। आज उसको पहली बार वर्दी मे उंसकी आँखे भर आयी। रीना ने खुश होकर कहा, “वाह, तुम्हे यूँ देखकर मैं प्रसन्न हो गयी, सरप्राइज विजिट, घर मे सब ठीक … Read more

“तिरस्कृत कब तक” – कुमुद मोहन

सुरेशबाबू घर में घुसे तो बहुत खुश थे” बहुत खुश नज़र आ रहे हो क्या कोई लॉटरी निकल आई है” कहकर किचन से हाथ पोंछते हुए मीता बाहर निकली! “अरे भाई लॉटरी ही समझो वो पूना से मन्नो जीज्जी का फोन आया उनके जेठ का लड़का अमेरिका में बड़ी कंपनी में काम करता है उसकी … Read more

अपनों के बीच – ‌ऋतु गुप्ता

शांता के पति श्यामलाल उसे समझाते हुए कहते हैं, कितनी बार कहा है शांता तुम्हे कि बहू के आगे पीछे मत घूमा करो, उसे काम संभालने में दिक्कत होती है,मुझे भी बिल्कुल अच्छा नहीं लगता जब बहू तुम्हें नकारते हुए मना करती है।  अब अपना मन मोह माया से हटाकर प्रभु सुमिरन में लगाओ, क्यों … Read more

अब इससे ज्यादा करने की सामर्थ नहीं है मुझमें – किरन विश्वकर्मा

आभा घर के काम जल्दी-जल्दी निपटा रही थी……आज कपड़े धोने की मशीन भी लगाई थी तो उसमें ही काफी समय लग गया था और स्कूल से बच्चों के आने का समय हो गया था और उसे बच्चों के खाने के लिए खाना भी बनाना था…. कि तभी सासू मां का फोन आया और कुछ सामान … Read more

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