मैं अपनी बहू का तिरस्कार नहीं कर सकती –  सविता गोयल

” वाह, सुधा भाभी, तुम्हारे जैसी मां तो मैंने आज तक नहीं देखी । जिस बहू के कारण बेटा चार महीने से बिस्तर पर पड़ा है उसी बहू को इतना सर पर चढ़ा रखा है। पति खाट में पड़ा है और ये सज धजकर व्रत पूजा का ढोंग कर रही है। ,,  नैना को तैयार … Read more

स्वाभिमान का बदला – गीता वाधवानी 

मन में पश्चाताप और आंखों में आंसू लिए जय, जब 3 महीने से पागल खाने में इलाज करवा रही अपनी पत्नी सुधा से मिलने आया, तब सुधा ने उसे पहचाना ही नहीं।  सुधा सिर्फ बोलती जा रही थी। मैं हर दिन तिरस्कार सहने वाली कमीनी औरत हूं और खुद को मां बहन की गालियां दे … Read more

माता-पिता का तिरस्कार – के कामेश्वरी 

प्रभा अपनी क्लास ख़त्म करके स्टाफ़ रूम में आई थी क्योंकि नेक्स्ट उसका फ़्री पीरियड था।  बच्चे पीछे पीछे क्लास वर्क लाकर उनकी जगह पर रख कर चले गए । प्रभा थोड़ा सा पानी पीकर अपनी जगह पर आकर बैठ गई। उसकी आज सुबह से चार क्लासेस लगातार थे । अब जाकर उसे फ़ुरसत मिली … Read more

हम सफर के साथ न होने का दर्द कोई नहीं बाँट सकता है – के कामेश्वरी 

यह बात बिल्कुल ही सही है कि हम सफर के साथ न होने का दर्द कोई नहीं बाँट सकता है । हम सफर चाहे पति हो या पत्नी दोनों को ही एक दूसरे का साथ ज़रूरी होता है । किसी एक के भी न होने पर उसके दर्द की कोई सीमा नहीं होती है । … Read more

” तिरस्कार का बदला ” – डॉ. सुनील शर्मा

तिरिस्कृत और हताश, सुधाकर हाउसिंग सोसायटी से बाहर निकल कर अपनी बाईक के पास ही बैठ गया. हाथों में सर थामे तेज़ होती बारिश में वह सुबक सुबक कर रोने लगा.  गांव से शहर आकर वह एम बी ए कोर्स में किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए पूरी मेहनत से पढ़ाई कर रहा था. … Read more

तिरस्कार – भगवती सक्सेना गौड़

दरवाजे पर कॉल बेल बज रही थी, जाकर रीना ने जल्दी से दरवाजा खोला।  सामने महिमा पुलिस की वर्दी पहने खड़ी थी, आई.पी.एस का बैच लगाए। आज उसको पहली बार वर्दी मे उंसकी आँखे भर आयी। रीना ने खुश होकर कहा, “वाह, तुम्हे यूँ देखकर मैं प्रसन्न हो गयी, सरप्राइज विजिट, घर मे सब ठीक … Read more

बेटी के ससुराल का बुराई पुराण – कुमुद मोहन

“ले मेरी लाडो दूध पी ले! मुझे पता है बचपन से ही तुझे सोने से पहले दूध ना मिले तुझे नींद नही आती!”विभा दूध का भरा गिलास लिए रिया से बोली जो आज ही ब्याह के बाद पग फेरे के लिए आई है! फिर एक सांस मे चालू हो गई “मैं तो तेरी बिदाई के … Read more

अब तिरस्कार नहीं सहेगी वो !! – मीनू झा 

वह अपनी तकलीफ़ किसी को नहीं बताती यह तो मैं शुरू से जानती हूं..पर इतनी अहम बात उसके पति होने के नाते आपको तो पता होनी चाहिए विनीत जी..इतने दिनों का दाम्पत्य जीवन साथ गुजारने के बाद भी आप उसके हृदय की थाह ना पा सके ना सही,उसकी शारीरिक तकलीफ़े भी नहीं दिखी आपको…??? निहारिका … Read more

वो तुम्हारी बहू है कोई ग़ैर नहीं… रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : “ क्या बात है बेटा आज फिर तुम सुबह सुबह रसोई में…. बहू की फिर से तबियत ख़राब हो गई क्या?” मनोरमा जी व्यंग्य कसते हुएनिकुंज से पूछी  “ हाँ माँ उसके पेट में बहुत दर्द हो रहा है…. कह रही उठते ही चक्कर सा आ रहा…. तो मैं ही … Read more

 तिरस्कार से अधिकार –   बालेश्वर गुप्ता

 माधवी, कुछ तो लिहाज किया करो।वो माँ है, मां, मेरी माँ,उनसे ऐसा उपेक्षित व्यवहार?माधवी उनके दिल पर क्या बीतती होगी?पाप कर रही हो,पाप।          ठीक है मैं पाप कर रही हूं तो आप पुण्य कमाओ,मैं कौनसा रोक रही हूं,तुम्हारी माँ है तो जाओ उनके आँचल में बैठो।        धीरे से तो बोल ही सकती हो,मां ने सुन … Read more

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