सहारा – संजय सिंह।
रात का समय था ।तकरीबन 10:00 बज रहे थे ।राम पूरा दिन काम करके अपनी थकान को मिटाने के लिए बिस्तर पर लेटा हुआ था। सोने की तैयारी कर रहा था। उसके बिस्तर के सामने एक मोमबत्ती जल रही थी ।उसी की रोशनी सारे कमरे को रोशन कर रही थी।राम मन ही मन में सोचने … Read more