आउट डेटेड बुढ़िया – कविता भड़ाना
रीमा और सीमा की आँखें विस्मय से फ़टी रह गयी जब उन्होंने रेस्टोरेंट के सामने वाली टेबल पर सासु माँ दामिनी जी को अपनी सखियों के साथ खिलखिलाते हुए गरम गरम छोले भटूरे खाते हुए देखा, उससे भी ज्यादा हैरानी उनके कपड़ो को देख कर हो रही थी, गुलाबी रंग की शिफान की साडी, उम्र … Read more