मेरा सहारा मेरी बेटी – मंजू ओमर

आज सरस्वती जी के आंख से आंसू बह रहे थे लेकिन होठों पर मुस्कान थी। तभी पडोस मे रहने वाली कावेरी ने आकर कहा अरे माता जी आज तो खुशी का मौका है तब भी आप रो रही है परिवार की परवाह किये बिना आपने इस उम्र मे ज़ो काम किया है उसका तो जवाब … Read more

“बेटियां भी होती हैं बुढ़ापे का सहारा ” – कमलेश आहूजा

“मम्मा,आप बैठो मैं बुआ के लिए चाय लेकर आती हूं।”नेहा की छोटी बेटी बोली।“सच नेहा,तू बड़ी किस्मत वाली है..तेरी दो बेटियां हैं,दोनों कितनी सेवा करती हैं तेरी?शादी के बाद भी तेरे दुख सुख में साथ खड़ी रहती हैं।” नन्द स्नेहा की बात सुनकर नेहा कुछ पलों के लिए अतीत में खो गईं.. नेहा को जब … Read more

ससुराल में सास का सहारा – गीतू महाजन

“यह बेटियां कब से अपने मां-बाप का सहारा बनने लगी”।अपने पति नमन के मुंह से ऐसी कड़वाहट भरी बात सुनकर शालिनी हैरान रह गई।वो जानती तो थी की नमन एक संकीर्ण  सोच वाला व्यक्ति है पर उसकी सोच इतनी गिरी हो सकती है उसे यह नही पता था। “क्यों.. क्या बेटियां अपने माता-पिता की औलाद … Read more

*सहारा* – तोषिका

क्या बात है, बड़े खुश लग रहे हो श्यामलाल। क्या बात है ज़रा हमे भी तो बताओ, हस्ते हुए सूरज बोला। श्यामलाल मुस्कुराते हुए बोला “अरे ऐसी कोई बात नहीं है दोस्त बस आज मेरे बेटे नीरज का रिश्ता पक्का हो गया है कुछ महीनों में शादी है।” सूरज बोला “बधाई हो श्यामलाल! बधाई हो, … Read more

सहारा – बिमला रावत जड़धारी

राकेश अपने जीजा जी, गिरिश, को फोन करता है। फोन गिरिश की पत्नी सविता उठती है। हैलो, मैं राकेश बोल रहा हूॅं।भइया हम सविता बोल रहे हैं। सब ठीक तो है? आज कैसे फोन कर दिया? अरे आपकी दीदी नहीं रही तो आप ने यहॉं आना ही छोड़ दिया। हम भी तो आपकी बहन है। … Read more

सहारा – सुनीता माथुर 

    घर में बहुत चहल-पहल थी इतने मेहमान आए हुए थे अनुराग और उसकी पत्नी अनुपमा दोनों ही व्यस्त थे और मेहमानों की व्यवस्था में, घर की सजावट में लगे हुए थे क्यों ना लगें उनकी इकलौती बेटी अनुश्री की सगाई और शादी जो थी! उज्जैन शहर के बहुत बड़े हीरे के व्यापारी सियाराम जी का … Read more

तू मेरा सहारा है – जगनीत टंडन

“स्नेहा, जल्दी चल, अभी तक तैयार नहीं हुई क्या..” नीना स्नेहा के घर पहुंचते ही चिल्लाई। माला भी वहां आ गई थी। “नीना, जल्दी आने की कोशिश करना बेटा, जब तक तुम सब घर नहीं आ जाओगी तब तक दिल डरता ही रहेगा। आज इसका मोबाईल भी सीमा लेकर गई हुई है” “अरे आंटी, घबराइए … Read more

सहारा – खुशी

रामनाथ अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे।घर में पत्नी नीता 3 बच्चे नवीन ,विवेक और आरती।बड़ी बहन कमला जो विधवा हो गई थी इसी कारण वो भी मायके वापस आ गई ।उसकी भी दो बेटियां थीं और मां शीला ये परिवार था।रामनाथ एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। सब बच्चे पढ़ने वाले थे।नीता … Read more

अनजाना बना जीने का सहारा – अंजना ठाकुर

अम्मा सब्जी ले लो आज तुम्हारी पसंद की भिंडी लाया हूं एक दम ताजी और नरम  ,और अम्मा तुम बनाती भी बहुत अच्छी हो ऐसी भिंडी मैने किसी के हाथ की नहीं खाई  ।वैसे तो तुम सब खाना अच्छा बनाती हो पर भिंडी की बात ही अलग है एक ही साँस मै कमल बोलता चला … Read more

सहारा – एम. पी. सिंह 

बिल माँ बाप का रामु अपने दादा दादी के साथ गाँव में रहता था. जब वो 5 साल का था, दादी भी नही रही, इसलिए दादा ने जैसे तैसे बड़ा किया। 14 साल की उम्र में दादा भी साथ छोड़ गए। पेट भरने के लिए उसने पढ़ाई छोड़ दी और एक स्कूटर रिपेयर की दुकान … Read more

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