मेरा सहारा मेरी बेटी – मंजू ओमर
आज सरस्वती जी के आंख से आंसू बह रहे थे लेकिन होठों पर मुस्कान थी। तभी पडोस मे रहने वाली कावेरी ने आकर कहा अरे माता जी आज तो खुशी का मौका है तब भी आप रो रही है परिवार की परवाह किये बिना आपने इस उम्र मे ज़ो काम किया है उसका तो जवाब … Read more