डूबता हुआ प्यार – संजय मृदुल
घाट में भारी भीड़ में तुम्हारी मांग में भरा सिंदूर दूर से दमक रहा था। छठ पूजा की शाम का इंतज़ार हर साल रहता है। तुम हर साल इन दिनों घर आती हो। तुम्हारी तस्वीरें देखता रहता हूँ सोशल मीडिया में अक़्सर। वहां मैं तुम्हारा मित्र तो नहीं हूं मैं, वहां क्या अब तो … Read more