मज़बूत नींव की खुरदरी ईंट
निधि अपने माता-पिता की इकलौती और सबसे लाडली बेटी थी। उसके मायके का माहौल ऐसा था कि अगर वह सुबह के दस बजे तक भी सोती रहे, तो उसकी माँ दबे पाँव कमरे में आती और बहुत ही प्यार से उसके माथे पर हाथ फेरकर कहती, “बेटा उठ जा, चाय ठंडी हो रही है।” निधि … Read more