**मायके की वो “बेगानी” अलमारी और भाभी का प्रेम** – हर्षिता सिंह
*शादी के पांच साल बाद जब वह टूटे हुए स्वाभिमान के साथ भाई के चौखट पर लौटी, तो उसे लगा कि वह अब इस घर में सिर्फ एक ‘बोझ’ है। लेकिन एक दिन भाभी ने उसे घर की तिजोरी की चाबी थमाकर कुछ ऐसा कहा कि उसकी रूह तक कांप गई और आँखों से वर्षों … Read more