झूठी शान के परिंदे – मुकेश पटेल
“माँ-बाप अक्सर अपने बच्चों की ‘चमक’ देखकर इतना खुश हो जाते हैं कि यह देखना भूल जाते हैं कि वो चमक सोने की है या पीतल की; और जब तक सच सामने आता है, तब तक घर की नींव बिक चुकी होती है।” “अरे भाई साहब, आप तो किस्मत वाले हैं। बड़ा बेटा बंगलौर में … Read more