कोख का कलंक
अंजलि पिछले हफ्ते ही अपनी बीमार माँ को देखने के लिए अपने मायके भोपाल गई हुई थी। घर में सिर्फ सुमित्रा देवी और रोहन थे। सुमित्रा देवी को लगा कि अंजलि की गैरमौजूदगी में रोहन को समझाना आसान होगा। रात के खाने के बाद, जब रोहन हॉल में बैठकर अपना लैपटॉप बंद कर रहा था, … Read more