प्रतीक्षा के वो अनकहे पन्ने
“काव्या, मेरी बात एक बार गौर से सुन लो। मैं तुम्हारे लिए अपनी ज़िंदगी की आखिरी सांस तक इंतज़ार कर सकता हूँ। लेकिन इस दिल में तुम्हारे सिवा कोई और कभी जगह नहीं ले पाएगा, यह मेरा वादा है।” मेज पर रखी कॉफी की प्याली को बिना छुए ही रजत वहाँ से उठकर चला गया। … Read more