प्यार और त्याग से बड़ी कोई चीज़ नहीं होती – हर्षिता सिंह
“नहीं भाभी, यह तो बिल्कुल भी नहीं हो सकता। आप चाहे कितना भी इमोशनल ड्रामा कर लें, लेकिन मुझे वह कमरा हर हाल में खाली चाहिए ही चाहिए।” सुमेधा ने अपनी बात को बिना किसी लाग-लपेट के बिल्कुल साफ-साफ शब्दों में अपनी जेठानी विशाखा से कह दिया। सुमेधा की आवाज़ में एक अजीब सी कठोरता … Read more