उजालों का आँगन
अमृता वहीं स्तब्ध खड़ी रह गई। उसे अपनी सास से ऐसी बेरुखी की उम्मीद नहीं थी। उसका दिल टूट गया। वह अपने कमरे में आई, बिस्तर पर गिर पड़ी और तकिए में मुँह छिपाकर सिसक-सिसक कर रोने लगी। उसे लगा कि भले ही ससुराल वाले कितने भी अच्छे हों, लेकिन आखिर में एक बहू के … Read more