घर ईटों से नहीं दिलों से बनता है – खुशी
रामानंद एक सीधे साधे ईमानदार आदमी थे जो एक सरकारी अध्यापक थे।स्कूल के बाद दो तीन ट्यूशन पढ़ाते फिर शाम को घर लौट कर बच्चों को पढ़ाते ।उनकी पत्नी रजनी गृह लक्ष्मी थी जो घर संभालती बचत करती और अपने पति का सहयोग करती।रामानंद किराए के घर में रहते थे उनकी बहुत इच्छा थी कि … Read more