माँ बनी शेरनी – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

   सुबह-सुबह दरवाज़े की घंटी बजी तो मनोरमा जी ने सोचा कि चंपा आई होगी…उसके आने का यही तो टाइम है,यही सोचकर उन्होंने दरवाज़ा खोला तो अपनी बेटी श्रेया को देखकर खुश हो गई।कुछ कहती इससे पहले श्रेया माँ के गले लगकर रोने लगी।          छह बरस पहले श्रेया का विवाह सिद्धार्थ के साथ हुआ था जो … Read more

ये क्या हो गया – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

रत्ना जी के घर आज बहुत चहल पहल थी…कुछ ख़ास रिश्तेदार भी घर आए हुए थे…मौका था उनकी इकलौती पोती दीया की सगाई का । दीया की माँ रमा हमेशा से घरेलू कामों में निपुण थी और उसकी चाची तारा को सजने संवरने से फ़ुरसत ही नहीं मिलती थी… और उससे बढ़कर वो बिना काम … Read more

भाभी से कैसी जलन – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 शुभी अपने कमरे में चारपाई पर बैठी मोबाइल चला रही थी। सामने लगे पंखे की हवा उसके बालों को उड़ाती, पर उसका ध्यान मोबाइल पर आए मैसेजों की ओर था। उसकी सहेलियां दिव्या और नीलम आजकल खूब मज़ाक किया करती थीं। ऐसे ही दिव्या का नोटिफिकेशन चमका— “और शुभी… कैसा लग रहा है नई-नई नंद … Read more

बूंद बूंद से घड़ा भरता है – निशा जैन: Moral stories in hindi

अरे सुषमा मैं जब से आई हूं तब से देख रही हूं तेरे घर के ग्लास पर ये क्या लिखा हुआ है किसी पर एम, किसी पर एन, ई, एस, जे ये टैंट के ग्लास हैं क्या अरे नही जीजी ये मेरी बहु की कारिस्तानी है और  पानी और खाने की क्या अहमियत है ये … Read more

बहू के माता-पिता की अहमियत – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

यह बहुत सालों पहले की कहानी है,जब परम्पराओं का बहुत ही कठोरता से पालन किया जाता था। बेटी के घर का पानी पीना भी पाप समझा जाता था। सब स्त्रियां कितनी भी उम्रदराज क्यों ना हों,लंबा घूंघट हर समय चेहरे पर रहता।मजाल है कोई उनका चेहरा देख ले। माधुरी की सासू मां ने एक दिन … Read more

पसंद नापसंद की – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

रीना ओ रीना बड़ी अच्छी खुशबू आ रही हैं तेरे घर से ,कयाआज फिर तू मठरियां बनाने बैठ गई,येआबाज रीना की सहेली रेखा की थी।कया करू रेखा आज आफिस जाते समय इनकी फरमाइश थी कि जब शाम को घर लौटूं तो चाय के साथ गरमागरम मठरिया बना घर रखना।बस भाईसाहब ने कहा और तू जुट … Read more

परिवार की अहमियत – सुभद्रा प्रसाद: Moral stories in hindi

शाम का धुंधलका फैलने लगा था |शंकर बाबू अपने हाथों में सब्जी का थैला थामे जल्दी जल्दी पुल पार कर रहे थे | एक दोस्त से बात करने के चलते कुछ देर हो गई थी और अब वे जल्दी से घर पहुंचना चाह रहे थे|  पुल ज्यादा लंबा नहीं था |नीचे नदी बह रही थी … Read more

गुड टच ,बैड टच – निशा जैन : Moral stories in hindi

पीहू… पीहू कहां है बेटा  कितना तंग करती है अपनी मम्मी को कहां छुप गई मेरी परी? जल्दी आ ,देख मैने तेरे पसंद की मैगी बनाई है। मैगी का नाम सुनते ही परदे के पीछे छुपी पीहू झट से मम्मी की गोद में आकर बैठ गई और झट से मैगी चट कर गई। पीहू को … Read more

सिर्फ बस यादें…! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

ऐसा लगता है कि वह कल की ही बात हो…। वह समय पंख बन जाए और उसके ऊपर ही बैठकर  मैं उस हसीन दुनिया में लौट जाऊं जिसे बचपन कहा जाता था। वह हमारा गांव और गांव का वह घर, जहां हम सभी का बचपन बीता था और जवानी भी। हम सब भाई बहन साथ-साथ … Read more

मज़बूत मां – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

जुलाई से विद्यालय के प्रांगढ़ में एक महिला प्रायः रोज़ ही दिखती थी शैलजा को।चिंतामुक्त हंसमुख चेहरा हमेशा खिला रहता था उनका।शैलजा को देखकर हंसकर उनका “गुड मार्निंग मैम कहना कभी चूकता ना था।समय की कमी के चलते रुककर कभी बात नहीं कर पाई थी शैलजा उनसे।हंसकर उनके अभिवादन का उत्तर जरूर दिया था।इतना समझ … Read more

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