चाभियों का गुच्छा – रश्मि प्रकाश    : Moral stories in hindi

“ ये क्या कर रही है सुनंदा बहू… बहू के आते ही घर की ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने की बड़ी जल्दी है तुम्हें जो अपनी तिजोरी की चाभियों का गुच्छा बहू को सौंप रही है… अरे जो मेरे साथ हुआ वो तुम्हारे साथ नहीं होगा … समझी तुम ।”चाची सास की धीमी मगर मज़बूत आवाज़ … Read more

घर की मिठास (अंतिम भाग) – लतिका श्रीवास्तव: hindi stories with moral

hindi stories with moral : कल पापा का जन्मदिन है याद है ना आज क्या क्या करना है अरुण वीना को याद दिला रहा था गुलदस्ता कहां है!! अरे भैया मैने तो फूलों का गुलदस्ता नहीं पूरी ये माला ही बना ली है आइए दिखाती हूं आपको कहती वीना अत्यधिक उत्साह से उसका हाथ पकड़ … Read more

दायित्व – वीणा कुमारी : Moral stories in hindi

सब कुछ बिखर चुका था नीरजा की जिन्दगी में। तरुण के जाने के साथ ही सबने उसकी तरफ से आँखें फेर ली थी। ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसे जानता ही नहीं हो जिनके लिए उसने अपनी खुशियाँ कुर्बान कर दी थी। नीरजा की जिन्दगी से सारे रंग धूमिल हो गए थे। बच्चों के … Read more

भाभी से कैसी जलन – हेमलता गुप्ता : Moral stories in hindi

और शुभी… कैसा लग रहा है नई-नई नंद बनकर… सुना है तेरी भाभी तो हर काम में एक्सपर्ट है, कभी मिलवाना अपनी भाभी से, 2 महीने पहले शादी में ही देखा था उन्हें, उसके बाद उनसे  मुलाकात ही नहीं हो पाई! सुना है घर के काम के साथ-साथ पढ़ाई में भी बहुत इंटेलिजेंट है, यार … Read more

गुड फॉर नथिंग – श्वेता अग्रवाल : Moral stories in hindi

निधि आज बहुत ज्यादा खुश थी और खुश होती भी क्यों नहीं,उसकी प्यारी ननद मीनल जो उसके पास रहने आ रही थी। वह सुबह से ही उसके पसंद के पकवानों को बनाने में लगी हुई थी।तभी अचानक डोरबेल बजने लगी। “अरे! इस वक्त कौन आ गया?” सोचते हुए अपने आटा सने हाथों से निधि ने … Read more

वादा – लतिका श्रीवास्तव   : Moral stories in hindi

बचपन में थोड़ा बड़ा हुआ तो मां मुझे खरीददारी के लिए बाजार भेजने लगी थी।सब्जी लाना हो फल लाना हो मां अब मुझे ही कहती और जितने रुपए देती पूरा हिसाब पूछती और फिजूल खर्ची उसके बर्दाश्त के बाहर थी।पहले पहल तो बहुत बुरा लगता था मुझे बाजार जाना और सब्जी मंडी में घुस कर … Read more

पापा कब आओगे? (भाग-2)   : Moral stories in hindi

अब तक आपने पढ़ा।चार लोगों का सुखी परिवार था सुबोध मीना, ख्याति और यश। सुबोध का एक दोस्त था शिव जिसका विवाह नीरू से होने वाला था। एक दिन अचानक सुबोध ना जाने कहां गायब हो जाता है मीना और बच्चे परेशान हैं। अब आगे  दोपहर में शिव आया। ख्याति उसकी टांगों से लिपट गई … Read more

कठपुतली – पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

सीमा दुल्हन बनाकर मनोज के घर आ गई। नई दुल्हन की तरह उसके चेहरे पर कोई उल्लास या चमक नहीं थी। बस कठपुतली की तरह सारे रस्मों रिवाज निभाये जा रही थी। मनोज की मां कमला देवी ने उसकी गोद में 2 साल की नन्ही पीहू लाकर डाल दी।  और कहा देखो बहू अब तुम … Read more

माँ बनी शेरनी – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

   सुबह-सुबह दरवाज़े की घंटी बजी तो मनोरमा जी ने सोचा कि चंपा आई होगी…उसके आने का यही तो टाइम है,यही सोचकर उन्होंने दरवाज़ा खोला तो अपनी बेटी श्रेया को देखकर खुश हो गई।कुछ कहती इससे पहले श्रेया माँ के गले लगकर रोने लगी।          छह बरस पहले श्रेया का विवाह सिद्धार्थ के साथ हुआ था जो … Read more

ये क्या हो गया – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

रत्ना जी के घर आज बहुत चहल पहल थी…कुछ ख़ास रिश्तेदार भी घर आए हुए थे…मौका था उनकी इकलौती पोती दीया की सगाई का । दीया की माँ रमा हमेशा से घरेलू कामों में निपुण थी और उसकी चाची तारा को सजने संवरने से फ़ुरसत ही नहीं मिलती थी… और उससे बढ़कर वो बिना काम … Read more

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