श्रद्धांजलि (भाग 4 ) – बीना शुक्ला अवस्थी: Moral stories in hindi
नीलिमा आफिस तो आने लगी लेकिन उसके अंदर एक अजीब सी बेचैनी रहने लगी, तबियत बोझिल सी रहने लगी, काम में मन नहीं लगता था, गल्तियाॅ अधिक होने लगीं। सबसे बड़ी बात बॉस के व्यवहार में भी पहले जैसी बात नहीं रही। एक दिन तो उन्होंने सबके सामने उसे बुरी तरह डॉट दिया – ” … Read more