एकल परिवार का दायित्व – अमिता कुचया   : Moral stories in hindi

आज भी अंशू के सामने निया और निमित्त जिद करते तो उसे गुस्सा आता, कितना भी मन का बनाओ तब पर भी बच्चों का मन नहीं भरता !रोज नये डिश की फरमाइश होती।सुबह नाश्ता फिर दोपहर का लंच , फिर शाम को स्नैक्स की डिमांड और उसके  बाद ये भी पूछा जाता कि रात के … Read more

मेरी भी कुछ अहमियत है या नहीं – ऋतु अग्रवाल   : Moral stories in hindi

   ” मोहित कहाँ हो बेटा? उठो, स्कूल नहीं जाना है क्या?जल्दी से तैयार हो जाओ। फिर मुझे भी दफ्तर जाना है।”मंजरी ने अपने आठ वर्षीय बेटे मोहित की चादर खींची तो कुनमुना कर आँख मसलते हुए मोहित उठ तो गया पर अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ।        “क्या बात है? उठो, फटाफट!”बिस्तर समेटते … Read more

जो मेरे साथ हुआ वह तेरे साथ नहीं होने देंगे – मनीषा  सिंह  : Moral stories in hindi

आज सुबह-सुबह संदीप चाय के कप के साथ अखबार के पन्नों में खोया था, कि तभी वह चौंक उठा ।  जब उसने कोटा में हो रहे बच्चों की सुसाइड वाली घटना को पढ़ा । संदीप एक बैंक कर्मी था और पत्नी शैली होम मेकर। इनके दो बच्चें बेटा अभिराज और बेटी नव्या जो कक्षा सात … Read more

जो मेरे साथ हुआ वह तेरे साथ नहीं होने देंगे – डा. इरफाना बेगम  : Moral stories in hindi

रिषा के बच्चो का नामकरण है। वह अपने दोनो बच्चों को लिये बैठी है। घर में काफी चहल पहल है। इतने में रिषा की मां आई और बोली रिषा ईष्वर की कृपा से तुमको दोगुनी खुषी मिली है। अपने एक बच्चे को अपनी बहन को दे दो, वह अकेली है उसको सहारा हो जायेगा। रिषा … Read more

पापा कब आओगे? (अंतिम भाग )   : Moral stories in hindi

डॉक्टर साहब ने कहा डर वाली कोई बात नहीं है। शिव ने डॉक्टर से पूछ कर उस आदमी की नाई को बुलाकर शेव बनवा दी। अब वह बिल्कुल पहचान में आ रहा था। हां, यह सुबोध ही तो है। शिव की आंखों से आंसू बह चले। बालों को हाथ नहीं लगाया जा सकता था क्योंकि … Read more

माथा- पट्टी – करूणा मलिक : Moral stories in hindi

पूनम , अब मेरी दो दिन की छुट्टी है । देख, कल और परसों मेरे साथ लगकर स्टोर की सफ़ाई करवा दे। इस बार तो दीवाली पर भी स्टोर को छोड़ दिया था । ठीक है दीदी । कल सुबह सात बजे आ जाऊँ ?  अरे नहीं, कल मैं भी आराम से उठूँगी । ऐसा … Read more

मेरे साथ जो हुआ तुम्हारे साथ नहीं होगा – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

घर में आज अंजना की बेटी की शादी थी ।बारात आने वाली थी सभी लोग बारात की आगवानी में दरवाजे पर खड़े थे । तभी बारात आ गई पंडित जी बोले दूल्हे की मां आए और दूल्हे की आरती उतारें । अंजना अपनी बहू सीमा को आवाज देने लगी अरे सीमा आरती की थाल ले … Read more

मोडर्न ज़माने की है मेरी बिटिया – मीनाक्षी सिंह: Moral stories in hindi

ठाकुर साहब … जल्दी चलिये….. कहीं देर न हो जायें …. इससे अच्छा रिश्ता अगर हाथ से निकल गया तो हाथ मलते रह ज़ायेंगे …..  राम शंकर ठाकुर दयाल जी से बोले….  तो हमारी राखी में कोई कमी है …. ये ना सही तो कोई और लड़का मिल जायेगा उसे…. पढ़ी लिखी, सब कामों में … Read more

एक दूजे के लिए – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

अन्वी आज सबसे दूर भाग जाना चाहती थी। जिन परिवार वालों के लिए उसने अपना सब कुछ लगा दिया आज उन्होंने ही उसको पराया बना दिया। वक्त के साथ खून के रिश्तों पर भी किस कदर बर्फ जम जाती है ये उसको महसूस तो होना शुरू हो गया था पर आज अपनी आंखों से देख … Read more

मेरे साथ जो हुआ तुम्हारे साथ नहीं होगा – के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

जगन्नाथ बैठक में बैठकर टी वी देख रहे थे । विनीता रसोई में अपना काम ख़त्म करके बैठक में आकर पति की बगल में बैठती है। एक सप्ताह पहले ही जगन्नाथ को अस्पताल से लेकर आए थे । एक सप्ताह पहले उन्हें ऑफिस से आते समय रास्ते में ही माइल्ड हार्ट अटैक आया था । … Read more

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