रिश्तों में आई दरार – कविता झा ‘अविका’: Moral stories in hindi

दोस्तों के बहकावे में आकर मैंने अपना वो पुस्तैनी मकान बेच दिया था। मां ने कई बार मुझसे कहा था कि… ” सुहास इसमें  तुम्हारी बहनों का भी हक बनता है, तुम्हें उनका हिस्सा दे देना चाहिए। बहनों को देने से बरक्कत ही होती है और पिता के बाद तुम्हीं पर पूरा दायित्व आ जाता … Read more

जो मेरे साथ हुआ वो तुम्हारे साथ नहीं होगा बेटा- प्राची संकेत  : Moral stories in hindi

मां मां जानकी ने आवाज लगाते हुए कहा तो प्राची की नींद टूटी मां आप ये नींद में क्या कह रही थी कि जो मेरे साथ हुआ बो तुम्हारे साथ नहीं होने दूंगी मेरी बच्ची,  प्राची ने कहा -कुछ नहीं बेटा ओर     बात को टालते हुए पूछा अच्छा ये बताओ कैसी रही आज … Read more

जो मेरे साथ हुआ वो तेरे साथ नही होने दूंगी – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

दीदी आप समझाओ ना पापा को कह रहे है कोई जरूरत नहीं है नौकरी करने की अब शादी कर लो फिर तुम्हारे ससुराल वाले जो कहे वो करना अगर वो राजी हो तो कर लेना नौकरी । नौकरी के चक्कर मैं फिर उम्र निकल जायेगी फिर अच्छे लड़के नही मिलते अभी रिश्ता आया है सोनल … Read more

माता-पिता को एकांतता देना भी हमारा दायित्व है-के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

मनोज एक सरकारी दफ्तर में ऑफ़िसर के पद पर जॉइन हुआ था । सब उसके नसीब पर ईर्ष्या करते थे कि छोटी सी उम्र में ही उसे इतनी अच्छी नौकरी मिल गई है । माता-पिता की तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था। उनके घर के सामने लड़कियों के पिताओं ने लाइन लगा दी थी … Read more

ऐसे घरवालों की ज़रूरत नहीं! – प्रियंका सक्सेना : Moral stories in hindi

राकेश ने फोन पर अपनी भाभी को उलाहना दिया,” अक्षय की शादी तय कर दी आपने और हमें बताया भी नहीं, भाभी।” “भैया, सब जल्दी जल्दी में हो गया। आपको आज फोन करने ही वाली थी।” सीमा ने बेचारगी से कहा ” बस बस भाभी! बातें नहीं बनाओ। वो तो अक्षय का दोस्त सुधांशु मिल … Read more

फ़ैसला – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

”सुनती हो… अरे कहाँ हो भाई जल्दी बाहर आओ।” हाथों में सामान का थैला थामे जैसे ही घर के दरवाज़े के भीतर पाँव रखे राजेश्वर जी पत्नी सुनंदा जी को आवाज़ देने लगे रसोई से गीले हाथों को आँचल में पोंछते हुए सुनंदा जी निकल कर आई और बोली,“ क्यों गला फाड़ रहे हैं थैले … Read more

मेरी बेटी की जिंदगी अनमोल है। – अर्चना खंडेलवाल  : Moral stories in hindi

‘सुधा जरा तेल गरम करके ले आ, पैरों की मालिश कर दें, आज बहुत दर्द हो रहा है।” आटा गुंथती सुधा जी के कानों में ये आवाज पड़ी तो उसके हाथ जल्दी से चलने लगे, उन्होंने फटाफट आटा ढका और तेल लेकर सासू मां  दमयंती जी के कमरे में चली गई। “बड़ी देर लगा दी, … Read more

एक बार फिर – बालेश्वर गुप्ता  : Moral stories in hindi

अपने एकलौते बेटे नीरज की अपने पिता रंजीत जी से की जा रही गुहार ने रंजीत जी को अपने ही जीवन के अतीत में लाकर खड़ा कर दिया।ऐसे ही वह अपने पिता मुरारीलाल जी से अनुमति मांग रहे थे  बाबूजी मुझे एक सप्ताह के लिये बनारस जाना है।बाबूजी के कारण पूछने पर रंजीत ने बताया … Read more

सुरक्षा कवच एक मां का – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral stories in hindi

संगीता बड़ी ही होशियार एवं सुन्दर मासूम सी बच्ची थी। अभी उसने केवल सत्रह वसंत ही देखे थे कि उसकी दादी ने घर में  उसकी शादी को लेकर हंगामा मचा रखा था। सुबह शाम, उठते बैठते वे एक ही रट लगाएं थीं कि संगीता की शादी जल्दी करो। उनके हिसाब से जवान होती बेटी की … Read more

दायित्व या त्याग – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

  जज अंकल …आप तो मुझे ही मम्मी पापा से अलग कर दीजिए ..मेरा मतलब तलाक दे दीजिए …ये क्या है ना , मम्मी अलग मुझे समझाती रहती हैं कि …जब जज साहब पूछे किसके साथ रहना है तो मैं उनका नाम लूं… और पापा अलग समझाते हैं कि मैं उनका नाम लूं…. मैं तो रोज-रोज … Read more

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