जितनी चादर हो पैर उतने ही फैलायें : Moral stories in hindi

 किटी पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। जहां लगभग तीस महिलाएँ लक दक सुन्दर – सुन्दर साडीयाँ पहने एक से बढ़ कर एक आभूषण धारण किये उन्हें देख ऐसा लग रहा था जैसे कि  साडीयों और आभूषणों की कोई प्रतियोगिता हो रही हो जिसमें सब प्रदर्शन करने आईं हों ।मेजबान छवी जी  जहां एक ओर … Read more

बहु के बच्चे खिलाने की उम्र में जब सासू मां हो गई प्रेग्नेंट !!(भाग 2) – स्वाती जैंन: Moral stories in hindi

रूपमती जी मौका देखती रहती कि कब बहू कुछ ऐसी गलती करें कि उन्हें बहू को टोकने का मौका मिल सकें !! एक दिन पड़ोस वाले सुनीता भाभी के पति राजेश जी हॉस्पिटल जाने स्कूटी से घर से निकले ही थे कि उन्हे विमला जी भी घर से निकलते नजर आई चूंकि दोनों एक ही … Read more

बहु के बच्चे खिलाने की उम्र में जब सासू मां हो गई प्रेग्नेंट !! – स्वाती जैंन: Moral stories in hindi

मम्मी जी , आपको शर्म आनी चाहिए इस उम्र में यह सब करते हुए !! अब क्या मुंह दिखाएंगें हम लोग दुनिया वालों को ?? और क्या कहेंगे सभी को कि इस उम्र में मेरी सास मां बनने वाली हैं और वह भी किसके बच्चे की क्या पता ?? मुझे मां बने अभी एक ही … Read more

घुटन – वीणा सिंह : Moral stories in hindi

मैं प्लस टू पास कर ली हूं मां…. आज आप अपने वादे के अनुसार अपनी जिंदगी की कहानी और सारे राज मुझे बताएंगी.  परी मेरे गले में बाहें डाल कर बोली.   अभिशप्त जिंदगी श्रापित शहर और घुटन भरा घर का माहौल…. परी के जनम के साथ हीं मैने ये वादा अपने आप से किया था, … Read more

कामचोर – कान्ता नागी: Moral stories in hindi

कामिनी देवी घर की मुखिया थी।उनका हंसता खेलता परिवार था।पति केशवदासजी बड़े सुलझे हुए इंसान थे।जो कानपुर शहर के बहुत बड़े बिजनेसमैन थे।वे रेडीमेड पोशाकें सभी वर्गो के लिए बनाते थे। कामिनी देवी के सरल स्वभाव के कारण जो भी उनके शोरूम मे आता दो तीन पोशाकें अवश्य खरीद कर जाता था क्योंकि केशवदासजी मार्केटिंग … Read more

अर्द्धांगिनी -अभिलाषा कक्कड़: Moral stories in hindi

शोभा जैसे ही फ़ोन बन्द करके मुड़ी तो एक दम से सामने पति राकेश को देख कर डरी और फिर चिल्ला कर बोली… हे भगवान पता भी है तुम्हें कि मैं डर जाती हूँ । आते हो तो कोई खटका ही कर दिया करो ताकि मेरे दिमाग़ को पता हो कि तुम आसपास हो । … Read more

मैं तुम्हें देवता कैसे कहूं? – बीना शर्मा: Moral stories in hindi

शाम के वक्त रजनी अपने पति राजीव के लिए चाय लेकर ड्राइंग रूम में आई तो राजीव गुस्से में रजनी से बोला “ले जाओ अपनी चाय मुझे नहीं पीनी सबके सामने मेरा अपमान करते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई यदि तुम दीदी की हां मे हां मिलाकर मुझे देवता कह देती तो तुम्हारा कुछ बिगड़ … Read more

सास मे भी औरत है – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

मान्या स्कूल से आते ही बाथरूम में घुस गई । जब स्कूल से निकली उस समय आकाश में हल्के-हल्के बादल छाए थे। रिक्शा पकड़ने में जल्दी भी की पर अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और मान्या घर पहँुचते-पहँुचते पूरी तरह से भीग गई। नहाने के बाद बढ़िया कड़क सी चाय बनाकर बालकनी में बैठ … Read more

जीवनसाथी – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” मैं सिर्फ आपकी पत्नी और इस घर की बहू ही नहीं प्रथम किसी की बेटी भी हूं अगर यहां मेरे फर्ज हैं तो वहां भी कुछ फर्ज बनते हैं तुमने और तुम्हारे घर वालों ने कैसे सोच लिया कि मेरे पापा वहां जिंदगी मौत से लड़ रहे है और मैं यहां खुशियां मनाऊं!” मान्या … Read more

आख़िरी इच्छा – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

मंजू अपने पति से कहती है कि देखो जी ! संजू आज आठ वर्ष का हो गया है । हमने इसे पाने के लिए कितनी मिन्नतें और मुरादें की थी । अब हमें भी अपनी क़सम पूरी करनी चाहिए । क़सम ! कौन सी क़सम ? देखो जी ,अब आप टाल-मटोल मत करो ।आपको अच्छे … Read more

error: Content is protected !!