कभी-कभी समझने में गलती हो जाती है – करुणा मालिक : Moral stories in hindi

माँ , कहाँ हो आप। …. कब से फ़ोन कर रही हूँ, उठा क्यों नहीं रही थी…. पता है क्या-क्या दिमाग़ में चल रहा था….. मैं अभी दस मिनट में स्टेशन पहुँचती हूँ….. हाँ-हाँ…. उसी जूस की दुकान के पास वाले गेट के पास खड़ी रहना । सौम्या ने अपनी माँ से बात की और … Read more

व्यर्थ की तकरार – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

अनंत और अंबिका दोनों एक दूसरे से बहुत प्यारकरते थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद दोनों ने अपने-अपने घरवालों से इस बारे में बात करनेका सोचा था।  अंबिका को जॉब करने में कोई रुचि नहीं थी। वह होम मेकर ही बनना चाहती थी। कॉलेज में वह शार्प माइंड और हाजिर जवाबीके लिए मशहूर थी। अनंत … Read more

अनसुलझे सवाल… : Moral stories in hindi

आज मन बहुत ज्यादा बेचैन है।कुछ बातें, कुछ सवाल बहुत ज्यादा ही परेशान कर रहे हैं। सोचा  अपने मन की बेचैनी यहां पर शेयर करूं तो शायद  कुछ सवालों के जबाव  मिल जाएं… दो दिन पहले  शाम को किसी काम से पास की मार्केट में जाना हुआ तो वहां से पैदल ही वापिस घर आ … Read more

नफरत क्यो ? – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” ये कैसी सब्जी बनाई है तुमने तुम्हे कोई काम ठीक से आता भी है !” विक्रम अपनी पत्नी रीना पर चिल्लाता हुआ बोला। ” वो …आज तबियत कुछ ठीक नहीं थी ऊपर से व्योम भी तंग कर रहा था  इसलिए शायद कुछ ऊंच नीच हो गई सब्जी में रुकिए मैं ठीक करके लाती हूं … Read more

अंतहीन खुशी – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

नीतू इस तनाव मैं घुली जा रही थी की मां  की बीमारी  के लिए पैसों का इंतजाम कहां से करे  अचानक पता चला मां को कैंसर है जिसका इलाज काफी महंगा है और उसके पापा तो एक मामूली नौकरी करते है उस पर दो बेटियों की जिम्मेदारी दोनों की शादी करने मैं ही जमा पूंजी … Read more

बात संस्कारों की है – नेकराम : Moral stories in hindi

राजस्थान का एक छोटा सा गांव जसोल इस गांव का बेटा उत्कर्ष 3 महीने पहले दिल्ली आईएएस की तैयारी करने गया था शुरुआती दिनों में तो दिन में चार बार उत्कर्ष का फोन आ जाया करता था फिर अचानक एक महीने बाद ही उत्कर्ष का फोन आना बंद हो गया उसकी मां लच्छो इस बात … Read more

संस्कारों की लेखनी – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

आज दुल्हन के लिबास में रिया बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। ऐसा लग रहा था कि मानो जैसे कोई अप्सरा उतर आई हो। दिव्या की तो जैसे जान बसती थी उसमें,उसकी विदाई का सोच सोच कर दिव्या का कलेजा मुंह को आ जाता। अपने अधर पर मुस्कान सजाए वो अंदर ही अंदर टूट रही … Read more

ज़िम्मेदारी और प्यार – बेला पुनिवाला : Moral stories in hindi

  हर लड़की की तरह मेरी कहानी की नताशा का भी एक सपना होता था, जैसे उसे कोई बहुत प्यार करे, उसकी तारीफ़ करे, उसके लिए मर मिटने की बातें करे, चांद तारें ला ना पाए, तो भी कोई बात नहीं, कभी कभी उसे खुश करने के लिए ऐसी बातें किया करे, उसे सरप्राइज़ दे, उसे … Read more

बहन का त्याग- डॉ अंजना गर्ग  : Moral stories in hindi

रात के ग्यारह बजे फोन की घंटी बजी सुमन ने भागकर फोन उठाया उधर से भाई शेखर  बोल रहा था। शेखर ने धीरे से पूछा,” सुमन मां बाबूजी तो सो गए ना? “हा, हा क्या बात है?सुमन ने पूछा “इसीलिए मैं देर से फोन कर रहा हूं ताकि तेरे से बात अकेले में हो सके … Read more

अनूठी पहल – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi

“-तुम ऐसा सोच भी कैसे सकती हो मीरा! गलती से भी दोबारा ऐसी बात अपनी जुबान पर मत लाना! और माँ को भी पता नहीं क्या सूझी.. कम से कम उन्हें तो सोचना चाहिए था कि…” “बस करो विवेक! माँ को कुछ मत कहना… यह निर्णय माँ का नहीं बल्कि मेरा है…” मीरा का स्वर … Read more

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