अनकही सरगम
बाबूजी की यह बात अवनि के सीने में तीर की तरह चुभी। ‘किसी अपने के लिए जज्बात…’ इसका मतलब राघव किसी और से प्यार करता था? अवनि को लगा जैसे उसकी पूरी दुनिया ही ढह गई हो। उसका एकतरफा प्रेम, जो बिना किसी उम्मीद के पनप रहा था, अब एक असहनीय दर्द बन चुका था। … Read more