हैसियत – एम. पी. सिंह

सेठ मोहन दास आज जयपुर के जाने माने मार्बल एक्सपोर्टर है. ये सब उनकी मेहनत का नतीजा था. उनका बेटा रोहित भी एम.बी.ए. करने के बाद पिताजी के साथ काम करने लगा था. रोहित के आने के बाद एक्सपोर्ट की नई उचाईयो क़ो छू लिया. वैसे रोहित के दादाजी की साइकिल रिपेयर की दुकान थीं … Read more

“बेटियां भी होती हैं बुढ़ापे का सहारा ” – कमलेश आहूजा

“मम्मा,आप बैठो मैं बुआ के लिए चाय लेकर आती हूं।”नेहा की छोटी बेटी बोली।“सच नेहा,तू बड़ी किस्मत वाली है..तेरी दो बेटियां हैं,दोनों कितनी सेवा करती हैं तेरी?शादी के बाद भी तेरे दुख सुख में साथ खड़ी रहती हैं।” नन्द स्नेहा की बात सुनकर नेहा कुछ पलों के लिए अतीत में खो गईं.. नेहा को जब … Read more

असली खूबसूरती शरीर नहीं मन होता है – संजय सिंह

अरुण एक पढ़ा लिखा नौजवान था। अच्छी खासी नौकरी सरकारी विभाग में करता था ।परंतु इस नौकरी और पैसे ने उसको घमंड से पूरी तरह भर दिया था ।उसके विचार घमंड से पूर्व पूरी तरह भरे हुए थे। उसके माता-पिता उसे हमेशा साधारण व्यक्तित्व अपनाने को कहते थे। परंतु वह अहंकार में इतना डूब चुका … Read more

ससुराल में सास का सहारा – गीतू महाजन

“यह बेटियां कब से अपने मां-बाप का सहारा बनने लगी”।अपने पति नमन के मुंह से ऐसी कड़वाहट भरी बात सुनकर शालिनी हैरान रह गई।वो जानती तो थी की नमन एक संकीर्ण  सोच वाला व्यक्ति है पर उसकी सोच इतनी गिरी हो सकती है उसे यह नही पता था। “क्यों.. क्या बेटियां अपने माता-पिता की औलाद … Read more

खूबसूरत मन – लतिका श्रीवास्तव 

चंदा तुम अकेली यहां क्यों बैठी हो बाकी सब घूमने गई हैं तुम क्यों नहीं गईं विशाखा ने कमरे में अकेली बैठी लड़की को देख कर आश्चर्य से पूछा तो चंदा ने सिर  नीचे रखी पुस्तक में और झुका लिया। क्या हुआ चंदा मुझसे बताओ विशाखा ने उसके पास बैठते हुए स्नेह से कहा तो … Read more

*सहारा* – तोषिका

क्या बात है, बड़े खुश लग रहे हो श्यामलाल। क्या बात है ज़रा हमे भी तो बताओ, हस्ते हुए सूरज बोला। श्यामलाल मुस्कुराते हुए बोला “अरे ऐसी कोई बात नहीं है दोस्त बस आज मेरे बेटे नीरज का रिश्ता पक्का हो गया है कुछ महीनों में शादी है।” सूरज बोला “बधाई हो श्यामलाल! बधाई हो, … Read more

सहारा – बिमला रावत जड़धारी

राकेश अपने जीजा जी, गिरिश, को फोन करता है। फोन गिरिश की पत्नी सविता उठती है। हैलो, मैं राकेश बोल रहा हूॅं।भइया हम सविता बोल रहे हैं। सब ठीक तो है? आज कैसे फोन कर दिया? अरे आपकी दीदी नहीं रही तो आप ने यहॉं आना ही छोड़ दिया। हम भी तो आपकी बहन है। … Read more

सहारा – सुनीता माथुर 

    घर में बहुत चहल-पहल थी इतने मेहमान आए हुए थे अनुराग और उसकी पत्नी अनुपमा दोनों ही व्यस्त थे और मेहमानों की व्यवस्था में, घर की सजावट में लगे हुए थे क्यों ना लगें उनकी इकलौती बेटी अनुश्री की सगाई और शादी जो थी! उज्जैन शहर के बहुत बड़े हीरे के व्यापारी सियाराम जी का … Read more

तू मेरा सहारा है – जगनीत टंडन

“स्नेहा, जल्दी चल, अभी तक तैयार नहीं हुई क्या..” नीना स्नेहा के घर पहुंचते ही चिल्लाई। माला भी वहां आ गई थी। “नीना, जल्दी आने की कोशिश करना बेटा, जब तक तुम सब घर नहीं आ जाओगी तब तक दिल डरता ही रहेगा। आज इसका मोबाईल भी सीमा लेकर गई हुई है” “अरे आंटी, घबराइए … Read more

असली खूबसूरती शरीर नहीं मन होता है – प्रिया सैनी

शहर के एक कॉलेज में आरव नाम का लड़का पढ़ता था। वह बहुत समझदार और शांत स्वभाव का था। उसे बाहरी दिखावे से ज्यादा लोगों के व्यवहार और दिल की अच्छाई मायने रखती थी। उसी कॉलेज में सिया भी पढ़ती थी। सिया बहुत साधारण दिखने वाली लड़की थी—ना कोई खास मेकअप, ना स्टाइलिश कपड़े। अक्सर … Read more

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