देवकन्या (भाग-20) – रीमा महेन्द्र ठाकुर : Moral stories in hindi
वैराग्य – ******”” मैने लडखडाते कदमों से ,मठ मे प्रवेश किया””” वहा काफी भीड थी””””” सभी मुझे आश्चर्य से देख रहे थे”””” अचानक से सबकी आवाजे एकसार हो कर ,मेरे कानों मे गूजंने लगी” और मै अचेत हो गयी!!!!! जब आंख खुली तो मैने देखा सामने,भगवान महावीर ध्यानमुद्रा मे तल्लीन थी””””मै उठकर उनके चरणो मे … Read more