डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -3)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

सुशोभित नैना के घर से लौटते समय उसके और उसकी दीदी के आज वाले व्यवहार के संबंध में सोचता रहा , और सोचते – सोचते कभी विस्मित, कभी पुलकित होता रहा। नैना … उस दिन कितने मन से सुशोभित को अपने घर बुलाया था वह आ भी गया था । बेचारा … लगता है ‘प्रेम’ … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग 2)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

हम अक्सर शाम को मिलते और रास्तों पर अनवरत बातें करते हुए चलते रहते। उन्हीं दिनों में एक दिन चलते हुए उसने अचानक रुक कर कहा — आज तुम मेरे घर चलो ,घर पर कोई नहीं है सब मौसी के यहां शादी में गए हुए हैं। रात का खाना भी तुम मेरे यहां ही खा … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग 1)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

मैं नैना से सबसे पहले मिस रोहतगी के डांस स्कूल में मिला था। अगस्त का महीना था जिसमें बारिश अगर तेज हो जाए तो वक्त अच्छे से गुजर जाता है। लेकिन अगर थोड़ी सी बूंदाबांदी हो कर रुक जाए तो अगस्त महीने में जो उमस होती है। उसे झेलना वाकई बहुत मुश्किल होता है। कोरोना … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -14)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

बिस्तर पर पड़ा जगदेव कुछ सोच रहा था तभी मगरू भीतर आता है और कहता है, “क्या सोच रहा है चाचा?” जगदेव गर्दन घुमाने की कोशिश करता है लेकिन कोशिश नाकाम साबित होती है।वह दाँत भींच कर घों घों की आवाज निकालने लगता है।यह देख मगरू हँस पड़ता है, “हे ..हे…हे…ऐ क्यों जोर लगा रहा!पड़ा … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -13)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

अब तक आपने पढ़ा कि होटल के रूम में अपनी बचपन की दोस्त स्नेहा को देखकर शेखर नफरत से भर  जाता है लेकिन स्नेहा जब अपनी वहाँ आने की वजह बतातीं है तो वह हैरान हो जाता है।अब आगे- “मेरे इस फैसले के पीछे मेरे अपनों की जिंदगी है।बस इतना समझ लो मेरे परिवार के … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -12)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

अब तक आपने पढ़ा कि तृप्ति की चालाकियों से हार कर शेखर उसकी बात मान लेता है।इसी दौरान शेखर अपने क्लाइंट के इंतजार में शेखर की मुलाकात एक महिला से होती है जिसे देख कर उसके होश उड़ जाते हैं।अब आगे- शेखर को अपनी आँखों पर यकीन करना मुश्किल हो रहा था।उसका आश्चर्य घृणा में … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -11)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

“दूर रहो मुझसे।मुझे घिन आ रही है तुमसे।कैसी औरत हो तुम! अपने पति को दूसरी औरतें के बिस्तर पर…छी..छी।” वितृष्णा से शेखर अपने सिर को पीटने लगा। “मर्द चार औरतों के साथ भी लेट जाए तो गंदा नहीं होता।वैसे भी तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि तुम्हें रोज नया टेस्ट मिल रहा है।” तृप्ति बेशर्मी … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -10)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

अब तक आपने पढ़ा कि शेखर रिक्की के जाल में फंस चुका था।अपने नाजुक मन और एक गलती के कारण वह ऐसे मोड़ पर खड़ा था जहाँ पर कोई भी मंजिल उसे नजर नहीं आ रही थी। अब पढ़ते हैं आगे- “पागल हो तुम! तुम मुझसे धंधा कराने.. आर यू मैड…तुमने सोच कैसे लिया मैं … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -9)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

बारिश में भीगता शेखर रिक्की के चेहरे पर खुशी देखकर खुश हो जाता है।वह रिक्की के साथ डाँस करने लगता है।शेखर भूल जाता है कि तृप्ति उसका इंतजार कर रही है और आज उनकी मैरिज एनिवर्सिरी है। दोनों के भीगे जिस्म एक दूसरे को छूने लगे।और एक बार फिर एक दूसरे में डूब गए।रात के … Read more

तू इस तरह मेरी जिन्दगी में शामिल है (भाग -8)- दिव्या शर्मा : Moral stories in hindi

“इतना आश्चर्य से न देखो रिक्की।तुमने ही तो कहा था कि तृप्ति को कुछ पता नहीं चलना चाहिए।बस तुम्हारी दोस्त के लिए झूठ बोला है।” शेखर ने कहा। “तृप्ति बहुत लक्की है शेखर।तुम्हारा प्यार उसके साथ है।हर कोई इतना लक्की नहीं होता।” एक ठंडी सी आह भरकर रिक्की बोली। शेखर उसके चेहरे पर छाई बेचैनी … Read more

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