एक अनकही विदाई
“पापा… ये क्या हो गया? आपने बताया क्यों नहीं कि आपकी तबीयत खराब है? आपको कोई परेशानी थी तो मुझसे कहना चाहिए था, आख़िर मैं आपका बेटा हूँ!” अभिनव के आँसू श्रीनाथ जी के हाथों पर गिर रहे थे। श्रीनाथ जी ने एक बहुत ही फीकी, लेकिन दर्द भरी मुस्कान के साथ उसकी तरफ देखा। … Read more