माँ का आंचल
कल्याणी जी के इन शब्दों ने नूपुर के भीतर की सारी ग्रंथियां खोल दीं। नूपुर को अपनी गलती का गहरा अहसास हुआ। उसे समझ आ गया कि जिस कड़वाहट का शिकार आज कल्याणी जी बनी थीं, उसकी शुरुआत जाने-अनजाने खुद उसी के हाथों हुई थी। कल्याणी जी ने न केवल अपने बेटे की मानसिक स्थिति … Read more