कड़वाहट से अपनेपन की ओर
अगले दिन अंकिता ने खुद मयंक भैया को फोन मिलाया। जब मयंक ने फोन उठाया, तो अंकिता ने प्रणाम करते हुए बड़े आदर से कहा, “भैया, मैं आपकी छोटी बहू अंकिता बोल रही हूं। मैं जानती हूं कि आपके दिल पर क्या गुजरी है, और मैं यह भी नहीं कहूंगी कि जो हुआ वह सही … Read more