तोरा मन दर्पण कहलाए ।। – अंजना ठाकुर

तोरा मन दर्पण कहलाए पुस्तक का आज विमोचन था इस अवसर पर काव्या को सभी की बधाई मिल रही थी पुस्तक मैं काव्या ने अपने जीवन की घटनाओं को खूबसूरती से वर्णन किया था किस तरह अवसाद से लेकर आत्मविश्वास का सफर तय किया । काव्या ने पहली प्रति अपने पापा को भेंट करी और … Read more

*असली खूबसूरती शरीर नहीं मन होता है* – तोषिका

मन के हारे हार, मन के जीते जीत होती है बेटा और तुम्हे पता है *असली खूबसूरती शरीर नहीं मन होता है* तुम कोशिश तो करो बेटा सब हो जाएगा। हौसला देते हुए रोशनी के पिता हरि ने बोला। रोशनी उदास होते हुए बोली “इसको कोई नहीं देखता है, क्या करूं मैं अपने इस अच्छे … Read more

असली खूबसूरती शरीर नहीं मन होता है – बिमला रावत जड़धारी

अरविंद, बेटा अरविंद।आया अंकल जी।क्या कर रहे हो?खाना बना रहा हूॅं, अंकल जी। आज मैं जल्दी आ गया तो सोचा खाना ही बना लेता हूॅं। सब्जी तो बन गयी, रोटी बनाना बाकी है।बहुत बढ़िया! चलो साथ बैठकर चाय पीते हैं। अभी खाना खाने में बहुत टाइम है।ठीक है, मैं अभी चाय बना देता हूॅं। आप … Read more

आंसुओं की कीमत – मधु वशिष्ठ

मम्मी आप नया नौकर क्यों नहीं रखती हो? ” प्रिया बोली”।  बेटा ,मैंने साथ वाली आंटी को बोला तो है, थोड़ा ठीक हो जाऊं ,तो बाहर बैठकर कोई काम वाली ही ढूंढ लूंगी। सिर दर्द से फटा जा रहा है ,जरा थोड़ी अदरक वाली चाय तो बना देना । सवेरे से काम कर कर के … Read more

सबक – करुणा मलिक

अरे! लडके की माँ क्यूँ नहीं आई, आना चाहिए था।  उनका तो कल शाम तक पक्का प्रोग्राम था पर आधी रात में सर्दी के साथ ऐसा बुखार चढ़ा कि आँख खोलने की भी हिम्मत नहीं थी सुबह…. वो तो उनकी बहन वही ं है, उसके भरोसे छोड़ कर आए नहीं तो, आज का आना तो … Read more

प्यार – खुशी

मैं बालकनी में खड़ी इधर उधर देख रही थी।तभी एक ट्रक और एक गाड़ी आ कर रुके ।मुझे लगा चलो पड़ोस में कोई आया है कुछ दिन से सामने वाले फ्लैट में काम चल रहा था।गाड़ी में से एक डैशिंग सा आदमी उतरा और दूसरी तरफ से एक लड़की जो बिल्कुल सांवली थी चाहे तो … Read more

हैसियत – एम. पी. सिंह

सेठ मोहन दास आज जयपुर के जाने माने मार्बल एक्सपोर्टर है. ये सब उनकी मेहनत का नतीजा था. उनका बेटा रोहित भी एम.बी.ए. करने के बाद पिताजी के साथ काम करने लगा था. रोहित के आने के बाद एक्सपोर्ट की नई उचाईयो क़ो छू लिया. वैसे रोहित के दादाजी की साइकिल रिपेयर की दुकान थीं … Read more

“बेटियां भी होती हैं बुढ़ापे का सहारा ” – कमलेश आहूजा

“मम्मा,आप बैठो मैं बुआ के लिए चाय लेकर आती हूं।”नेहा की छोटी बेटी बोली।“सच नेहा,तू बड़ी किस्मत वाली है..तेरी दो बेटियां हैं,दोनों कितनी सेवा करती हैं तेरी?शादी के बाद भी तेरे दुख सुख में साथ खड़ी रहती हैं।” नन्द स्नेहा की बात सुनकर नेहा कुछ पलों के लिए अतीत में खो गईं.. नेहा को जब … Read more

असली खूबसूरती शरीर नहीं मन होता है – संजय सिंह

अरुण एक पढ़ा लिखा नौजवान था। अच्छी खासी नौकरी सरकारी विभाग में करता था ।परंतु इस नौकरी और पैसे ने उसको घमंड से पूरी तरह भर दिया था ।उसके विचार घमंड से पूर्व पूरी तरह भरे हुए थे। उसके माता-पिता उसे हमेशा साधारण व्यक्तित्व अपनाने को कहते थे। परंतु वह अहंकार में इतना डूब चुका … Read more

ससुराल में सास का सहारा – गीतू महाजन

“यह बेटियां कब से अपने मां-बाप का सहारा बनने लगी”।अपने पति नमन के मुंह से ऐसी कड़वाहट भरी बात सुनकर शालिनी हैरान रह गई।वो जानती तो थी की नमन एक संकीर्ण  सोच वाला व्यक्ति है पर उसकी सोच इतनी गिरी हो सकती है उसे यह नही पता था। “क्यों.. क्या बेटियां अपने माता-पिता की औलाद … Read more

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