बहु बेटे भी इसी ग्रह के प्राणी हैं। – सुधा जैन
लॉकडाउन के समय मेरी बाई माताजी का निधन हो गया ,तब हम तो नहीं जा सके। मेरी भाभी ने उन्हें सुहागन के रूप में तैयार करके विदा किया ,और सभी कार्यक्रम किए। हम लोग जब बाद में गए तब हमने देखा कि मेरे बाबूजी, जो कि वृद्ध हैं ,रात को उनका जी घबराता है ,तब … Read more