नई शुरुआत – संगीता त्रिपाठी
“क्या लिख रही नीरा, इतनी रात में सामानों की फेहरिस्त बना रही हो,”राकेश जी ने पूछा!! “न…. सामानों की फेहरिस्त नहीं, अपने शौक और जरुरत की फेहरिस्त बना रही हूँ “… “मै समझा नहीं, तुम्हारी कौन से शौक और जरुरत है, सब तो पूरी होती है, वैसे भी अब सांध्य बेला पर क्या … Read more