तुम बहू हो बहू की हद में ही रहो…! – भाविनी केतन उपाध्याय
शर्वरी की शादी अभी जतिन से पांच महीने पहले ही हुई है, शर्वरी के ससुराल में जतिन के अलावा उसके सास-ससुर और दो देवर भी हैं। शर्वरी की सासूमां सरला जी बहुत सुलझी हुई और स्वभाव से बेहद सरल नाम के अनुरूप ही महिला हैं। वो शर्वरी को अपनी बेटी की तरह ही रखती हैं…… … Read more