स्वयं की तलाश – डा मधु आंधीवाल

पंखुरी खिड़की में खड़ी थी । आज घनघोर बारिश हो रही  थी ।  उसके साथ ही उसके मन में भी  अंधेरी घटायें घिरी थी । सोच रही ऐसी ही तो बारिश की शाम थी । वह बस का इन्तजार कर रही थी । आज प्रेक्टीकल क्लास देर से छूटी । वह अकेली रह गयी उसकी … Read more

चंपी–नीरजा कृष्णा

“जब से अंश देहरादून हॉस्टल में गया है, अम्मा बहुत सुस्त रहने लगी हैं। उनका खाना पीना भी बहुत कम हो गया है” संध्या बहुत दुखी होकर अनिल को बता रही थी। वो भी ऐसा ही महसूस कर रहा था…बहुत दुखी होकर कहने लगा,”तुम ठीक कह रही हो। अंश के साथ अम्मा बाबूजी का समय … Read more

दहलीज पार करा दो “”भाग—1-रीमा ठाकुर

ये कहानी शुरू होती है  एक ऐसे शहर से, नाम कुछ भी रख सकते है, कुछ भी, वैसे भी गुजरात मध्यप्रदेश से टच शहर, चलिऐ, दहोद रख देते,  है!  ये  शहर  पलता है मध्यप्रदेश के नागरिकों से, भला सोचो वो कैसे,    ज्यादा सोचिए मत, मध्यप्रदेश के सीमा पर बसा गुजरात का पहला शहर, जहाँ … Read more

घमण्ड –  अरुण कुमार अविनाश

” ये वाशिंग मशीन मेरे मायके का है।”– नीरजा के स्वर में अहंकार का पुट था। ” चाची, ये क्या बोल रहीं हो आप!” – नीलू घबरा कर बोली। ” सही कह रही हूँ। जिसे देखो वही मेरी चीजें इस्तेमाल कर रहा है। वो भी बेतुके अंदाज़ में । अगर चीज़ बिगड़ जाये तो कोई … Read more

मैं हूँ ना – कमलेश राणा

रश्मि के पापा सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं और मम्मी एक प्रतिष्ठित स्कूल में टीचर,,, पापा हर रिश्ते के लिए बहुत ही समर्पित स्वभाव वाले व्यक्ति हैं,,चाहे माँ-बाप के लिए किसी वस्तु की आवश्यकता हो,,या बहनों के यहां कोथली पहुँचानी हो,,,या बच्चों को घुमाने ले जाना हो,, पापा को कभी किसी काम के लिए कहना … Read more

परिणाम – ममता गुप्ता

अरे!! अमित  आज तो तुम्हारा रिजल्ट आने वाला था न क्या हुआ..रिजल्ट आया या नही..? मुझे पता है वैसे भी तुम्हारा रिजल्ट क्या रहा होगा..? मानसी ने अपने बेटे अमित  से कहा।। हां माँ!! ये लो मेरी मार्कसीट आप खुद ही देख लो मेरा रिजल्ट अमित  ने मार्कशीट आगे बढ़ाते हुए कहा।। मानसी अपने बेटे … Read more

डोंट वरी मैं हूॅ॑ ना! – प्रियंका सक्सेना : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मीता की शादी की तारीख सोहन से तय होते ही घर में खुशी की लहर दौड़ गई। मीता और सोहन की अरेंज मैरिज है जिसे सोहन के पापा के मित्र जो मीता के फूफाजी हैं उन्होंने तय करवाई है। सोहन इंजीनियर है और बैंगलोर में एक मल्टीनेशनल में कार्यरत है।‌ … Read more

अहंकार का परिणाम – रक्षा गुप्ता

पितृपक्ष के दिनों में मंदिर के पास दान देने और दान ग्रहण करने वालों की बड़ी भीड़ लगी रहती.. सभी लोग अपने पुरखों के नाम पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करते और पंडितों को स्वादिष्ट भोजन भी कराते..  एक दिन मंदिर के पास एक बड़ी चमचमाती हुई गाड़ी आकर रुकी और उसमें से एक … Read more

हम हैं ना – उषा भारद्वाज : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अस्पताल के बेड पर लेटी जानकी दर्द से कराह रही थी। उनके पेट में अल्सर होने के कारण दर्द हो रहा धा।  बेटे अभय ने उनको एक रात पहले अस्पताल में एडमिट कराया था। दवाइयां चल रही थी । डॉक्टर ने कहा 5 दिन देखते हैं, यदि ठीक नहीं होता … Read more

काश लड़कियों की क़िस्मत में भी ऐसा ही ससुराल हो – रश्मि प्रकाश

नम्रता  और गगन  पूना से बिहार अपने शहर जाने की तैयारी कर रहे थे… पहले से ही विचार कर लिया गया था पहले नम्रता  के घर जाना है फिर गगन  के घर जाएँगे क्योंकि नम्रता  के शहर में एयरपोर्ट की सुविधा है तो वे लोग फ़्लाइट से वही जाएँगे । नम्रता  अपने घर दो साल … Read more

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