स्वयं की तलाश – डा मधु आंधीवाल
पंखुरी खिड़की में खड़ी थी । आज घनघोर बारिश हो रही थी । उसके साथ ही उसके मन में भी अंधेरी घटायें घिरी थी । सोच रही ऐसी ही तो बारिश की शाम थी । वह बस का इन्तजार कर रही थी । आज प्रेक्टीकल क्लास देर से छूटी । वह अकेली रह गयी उसकी … Read more