अपमान का प्रतिकार – लतिका श्रीवास्तव

..और मोबाइल बज उठा…….लपक के अंजली ने उठाया .. हां हां बेटा आलोक …अच्छा… हे भगवान तेरा लाख लाख शुक्रिया …अच्छा बेटा मैं तो तैयार ही बैठी हूं .. तू आ जा साथ में चलेंगे….! थोड़ी ही देर में बाहर से जोर जोर से हॉर्न की आवाज़ सुन कर अंजली लगभग दौड़ते हुए आई और … Read more

‘अपमान’ – पूनम वर्मा

देविका ने अपना सामान धम्म से घर में पटका और दरवाजा अंदर से बंद कर बिस्तर पर निढाल होकर पड़ गई । उसके पति श्यासुन्दर धीरे से बगल में रखी कुर्सी पर बैठ गए । देविका कुछ देर तक छत को निहारती रही फिर उठकर अपने पति पर बरस पड़ी । “सब आपकी वजह से … Read more

बिदाई – संजय मृदुल

नन्ही अनु ने रो रोकर सारा घर सर पर उठा लिया है। सुबह जब उसने दादी से सुना कि आज गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा तो उसने पूछा कि ये विसर्जन क्या होता है। दादी ने उसे समझाया कि गणेश जी इतने दिन वो मेहमान बन हमारे यहां रहे अब उन्हें अपने … Read more

स्कूल और वो चवनप्राश का डिब्बा,,,,,,, – मंजू तिवारी

 बात  आज से लगभग 35साल पहले की है।  जब प्रेरणा अपने गांव से  शहर के प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जाती थी प्रेरणा का जन्म अपने माता-पिता के विवाह के 6-7साल बाद बड़ी मन्नत उसे हुआ था वह  संयुक्त परिवार में सब की बहुत लाडली बच्ची थी पापा दादा के सहयोग से व्यापार तथा नौकरी किया … Read more

बरसात – माता प्रसाद दुबे

रामू परेशान था। सावन का महीना आने वाला था। बरसात के साथ ही उसके मोहल्ले में मुसीबत आ जाती थी। बरसात के पानी से पूरी सड़क लबालब हो जाती थी। घरों में पानी भर जाता था। गांव के अंदर जाने का मुख्य मार्ग होने के कारण कोई भी गाड़ी सामने से गुजरती तो कीचड़ के … Read more

अपमान – अनामिका मिश्रा 

गणेश और उसके पिता एक हो होटल में वेटर थे। गणेश आईएएस ऑफिसर बनना चाहता था। दिन रात मेहनत कर रहा था। एक दिन उस होटल में होटल के मालिक की बेटी की जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। सारे मेहमान थे। गणेश पानी करते लेकर आ रहा था कि,अचानक वो चेयर से टकराकर गिर … Read more

कभी-कभी जिद्दी होना भी अच्छा है – डॉ. पारुल अग्रवाल

अपर्णा काफ़ी समझदार लड़की थी। जिसमें वैसे तो सभी अच्छे ही गुण थे पर वो स्वभाव से थोड़ी जिद्दी भीं थी।जो एक बार करने की ठान लेती वो करके ही मानती। उसके मम्मी- पापा को भी कई बार उसका हठी स्वभाव देखकर यही लगता था की ये शादी के बाद ससुराल में कैसे सबके साथ … Read more

अपमान का दंश –  प्रियंका मुदगिल

“भैया! सारे रिश्तेदार और पासपड़ोस के लोग हमारी आरती के बारे में तरह-तरह की बातें बना रहे हैं….  कहां तो हम  बिटिया के विवाह की कार्यों में लगे थे और कहां ये दुर्घटना हो गई…”” शकुंतलाजी अपने भाई पुरुषोत्तम जी से दुखी मन से कहने लगी। “कुछ समझ नही आता ….किससे क्या कहूं….. क्या करूं..खुद … Read more

अपमान का घूँट – के कामेश्वरी

सौम्या जैसे ही कॉलेज से घर पहुँची तो देखा माता-पिता दोनों खुश नज़र आ रहे थे । उसने कहा — क्या बात है आप दोनों बहुत खुश नज़र आ रहे हो दीदी का फ़ोन आया था क्या ? माँ ने कहा— अरे! नहीं सौम्या तुम्हें तो मालूम है न रम्या सिर्फ़ शनिवार और रविवार को … Read more

नया मोड़ – कमलेश राणा

अरे वाह निधि, क्या गुड न्यूज़ सुनाई है आज तो तुमने दिल खुश कर दिया,, दीदी, यह क्या सुन रही हूँ मैं,, आप मुझे मौसी बनाने वाली हो,, बहू ध्यान रखना अपना,, वजन मत उठाना,, फल और हरी सब्जियां ज्यादा खाना,, बेटा निधि खूब घी, मेवा खाना,, मैं लड्डू बना कर भेज दूँगी जिससे बच्चा … Read more

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