थोड़ा स्वार्थी होना भी जरुरी है – संगीता त्रिपाठी
“माँ.. मेरा सिलेक्शन अमेरिका के एक अच्छे कॉलेज में हो गया”अंकुर चिल्लाते हुये मधुरा के गले लग बोला। बेटे का अच्छी जगह एडमिशन हो गया ये जान मधुरा भी खुश हो गई। “कितने साल की पढ़ाई है “मधुरा ने पूछा। “माँ, दो साल… फिर वहीं जॉब करना होगा “अंकुर ने कहा। “क्यों, जॉब क्यों करेगा … Read more