मर्यादा रिश्तों की – कुमुद चतुर्वेदी
महिमा का ससुराल में पहला दिन था।वह वैसे भी डरी हुई थी क्योंकि उसने सुना था कि उसकी सास बहुत कठोर अनुशासन वाली हैं।वह चुपचाप सिर पर पल्लू डाले सिर झुकाये सास के कहे अनुसार सारे रस्मोरिवाज़ निभाये जा रही थी।अब तक वह बहुत थक चुकी थी और मन ही मन चाह रही थी कि … Read more