दिसंबर का वो आखिरी दिन…. – रूचिका राणा
अपने ऑफिस में बैठा सुबह से ही फाइलों में उलझा हुआ था कि तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज हुई और चपरासी ने आकर बताया कि बाहर कोई मेरा इंतजार कर रहा है। कहीं ना कहीं मैं जानता था कि कौन होगा लेकिन फिर भी यह जानने को उत्सुक था कि कौन होगा। मैं तेज कदमों … Read more