पिता – कंचन श्रीवास्तव
जिद्दी मां-बेटे के बीच,रवि पिसकर रह गया था। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा कि वो क्या करे। बब्बू की बढ़ती उम्र और मां के आंचल की छांव के बीच ,उसे एक तरफ कठोर कदम उठाने पर मजबूर करती तो दूसरी ओर उसकी ममता आड़े आ जाती ।इससे वो बहुत परेशान रहता। सबसे बड़ी बात … Read more