अहसास – नंदिनी सोनू सिंह 

अचानक से मेहमान आने पर दिमाग का पारा हाई हो जाता है अक्सर, पहले से पता हो तो सब काम खाना पीना टाइम से हो जाता है। काम निपटाने के बाद तो एक कप चाय की प्याली बनाना भी पहाड़ से कम नहीं लगता। ऐसे ही दीवाली का दिन था , सुबह से भाग दौड़ … Read more

गलती किसकी? – पृथ्वीराज

लेखक : पृथ्वीराज एक Court Case में आप सभी की राय की जरूरत है.. इस Case को ठीक से समझ कर ही अपनी राय कॉमेंट बॉक्स में दें.. रश्मि, एक साधारण परिवार की लड़की थी, और अपने मां बाप का अकेला सहारा थी.. गरीब होने के बाद भी उसके मां बाप ने उसको बचपन से … Read more

दीदी – गुरविंदर टूटेजा

अप्रकाशित जाने कैसा मोह था गिन्नी का निधी दीदी के साथ दोनों चचेरी बहनें हैं वो दो साल दो दिन छोटी है पर रहती है पक्की सहेलियों की तरह जहाँ जाना है साथ में पहले दीदी का जन्मदिन आता तो उन्होंने गुलाब जामुन से सबका मुँह मीठा कराया और गिन्नी कहाँ पीछे रहने वाली थी … Read more

दर्द – रजनी जोशी

एक्सीडेंट के बाद 10 दिन अस्पताल में रहना  पड़ा बाए हाथ और पैर के चार ऑपरेशन हुए।घर आने पर दिन भर सक्रिय रहने वाली सुधा मानो बिस्तर की होकर रह गई। बेटे का वर्क फ्रॉम होम होने की वजह से दिन भर उसके पास बैठकर काम करता और मां की सेवा भी । सुधा की … Read more

मुँह बोला एक रिश्ता – नंदिनी

घनश्याम की पुलिस की नोकरी 2 बेटियां सोनम ओर सुहानी ,पत्नी रोहिनी ओर मां एक छोटा सुखी परिवार।  पर कुछ साल पहले की बात है ये , तो माँ छोटा परिवार सुखी मानने से रहीं , हमेशा जोर देतीं एक बेटा तो होना ही चाहिए ,कुछ साल बाद रोहिनी ने एक बेटी सांची को जन्म … Read more

बेनाम रिश्ते की सौगात –  दीपा माथुर

अंशु के ऑफिस पहुंचते ही ,कालू चाय वाला आ गया। चाय पियो गरम गरम चाय पियो।  अरे आज तो सुबह सुबह ही,क्या बात है। मैडमजी आज से रोज इसी टाइम चाय मिलेगी। कालू बहुत हसमुख स्वभाव का था  छोटा सा बच्चा था। हालाकि रंग गहरा था।पर सारे दिन अपने स्वभाव से सबका मन जीत लिया … Read more

परंपराएं कुछ कहती हैं – कमलेश राणा

नीशू बेटा एक बार और जाकर देख तो आ बेटा कुसमा ताई की गाय ने गोबर किया या नहीं।  सुबह से दो बार हो आया कभी कोई ले जाता है कभी कोई गोया कि गोबर न हुआ अशर्फी हो गई। पड़ोस की सुषमा दादी और पार्वती दादी भी तो वहीं डेरा डाले बैठी हैं इसके … Read more

बेनाम रिश्ता – संगीता त्रिपाठी

पता नहीं वो कौन सा रिश्ता था जो सौम्या न चाहते भी खिची चली आती थी छत पर, एक दिन भी  दिखाई न दें तो चैन नहीं मिलता था।     एक दिन कॉलेज के लिये हड़बड़ी में निकलते हुये सामने आते शख्स से टकरा गई, “दिखाई नहीं देता क्या, या लड़की को देख जबरजस्ती टकराने की … Read more

खट्टा मीठा रिश्ता –  सविता गोयल

” बहू ये क्या सब्जी बना कर रख दी तूने…. अरे रंग देखा है इसका… बिल्कुल फीका .….. क्या कहेंगे दामाद बाबू !! कोई काम तो ढंग से कर लिया कर। ,, अर्चना जी अपनी बहू कामिनी को डांटते हुए बोली।  ” मां जी, पता नहीं इस बार के मसाले कैसे आए हैं…. जितने भी … Read more

कौन अपना कौन पराया – डा.मधु आंधीवाल

अमित अस्पताल के बिस्तर पर बेहोश पड़े थे । इतना भंयकर एक्सीडैन्ट हुआ कि उनकी बाइक को देखकर कोई यह नहीं सोच सकता कि इसका सवार जिन्दा बच गया होगा । उनके जेब की डायरी से एक नं मिला उस पर घर लिखा हुआ था । वह नं .डा. ने मिलाया उधर से आवाज आई … Read more

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