सोच – आरती झा”आद्या”
ओह हो माँजी.. ये क्या। आपको भी ना चैन नहीं है। क्यूँ किया आपने ये सब..बहु साक्षी तौलिया ले बाथरुम में जाते ही बोली। ठीक है ना बेटा तुम्हारा थोड़ा काम आसान हो गया.. सासु माँ सुधा ने कमरे से ही कहा। लेकिन माँजी अब आप आराम करे। मैं और कमली सारे काम कर लिया … Read more